तटबंध धंसा, कई गांवों के लिए खतरा
ग्रामीणों की सूचना पर रात में डाली गईं मिट्टी भरी बोरियां
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज/सुंदरवल। सिंचाई विभाग और बाढ़ ख़ंड के लिए मिलपुरवा. शारदा तटबंध कमाई का जरिया बनकर रह गया है। मरम्मत के नाम पर हर साल इस पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी तटबंध की हालत जर्जर ही रहती है। सीजन की शुरूआत में भुरकुंडा और भरचक्का के पास दीवार व बोल्डर आदि से तटबंध मजबूत करने में लाखों की रकम खर्च की गई। रविवार की रात सिसैयापुरवा, भरचक्का गांव के सामने तटबंध धंस गया। इससे भरचक्का और इसके आसपास बसे गांव के लोगों की नींद उड़ गई है।
बताते हैं तटबंध धंसने की जानकारी लोगों को रात करीब आठ बजे लगी। सैकड़ों लोगों की भीड़ तटबंध किनारे एकत्र हो गई। लोगों ने तटबंध धंसने की खबर प्रशासन को दी। इस पर रात को ही मिट्टी भरी बोरियां लगवा दी गईं। जिससे तटबंध न कट सके। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पहला पानी आते ही तटबंध धंसने की शुरूआत हो गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने इधर ध्यान ही नहीं दिया। खास तो यह है कि जिस जगह तटबंध धंसा है यहां कुछ माह पहले ही पत्थर आदि डाले गए थे। बताते हैं कि तटबंध अंदर से खोखला हो चुका है। जिससे दूसरी ओर पानी का सीपेज भी हो रहा है। नरहर, श्रीनगर आदि जगहों पर भी तटबंध की स्थिति कमजोर बताई जा रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि तटबंध की मरम्मत समय पर न की गई तो बाहरी इलाकों में भी बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। उधर एसडीएम डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि तटबंध की मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।
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ग्रामीणों ने बालक को डूबने से बचाया
सुंदरवल। शारदा तटबंध के अंदर रपटा पुल पार करते समय अचानक पैर फिसलने से एक बालक दूर तक बाढ़ की तेज धार में बहता चला गया। गनीमत रही कि कुछ ग्रामीणों ने तैरकर उसे बचा लिया। पिपरा गांव निवासी अमरीका का बारह वर्षीय पुत्र नागेश अपने बाबा के साथ पैदल मीलपुरवा बाजार की ओर आ रहा था। मंगलीपुरवा और मीलपुरवा के बीच रपटा पुल पार करते समय नागेश का पैर फिसल गया। जिससे वह तेज पानी की धार में बह कर गहरे पानी में डूबने लगा। बालक को डूबते देख उसके पीछे आ रहे गांव के ही कुछ लोगों ने उसे सुरक्षित बचा लिया।
03एलकेएच 351, 352
बाढ़ और बारिश से अब तक धौरहरा में हुई दस मौतें
सात मृतक आश्रित परिवारों को दी गई सहायता
समदहा गांव बाढ़ से घिरा, रैनी में एनडीआरएफ के साथ पहुंचे तहसीलदार
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के चलते इलाके में अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सात दुधारू पशु भी असमय काल के गाल में समा चुके हैं। प्रशासन स्तर से अब तक सात मृतक आश्रितों को दैवी आपदा सहायता राशि दी है। अब भी समदहा, रैनी, मांझा, सुमाली, साहबदीनपुरवा सहित दर्जनें गांवों में बाढ़ का पानी भरा होने से लोग परेशान हैं। घरों मे रखा अनाज सड़ गया है, वहीं बाढ़ ने धान, मक्का, उड़द, गन्ना आदि की फसलें भी बर्बाद कर दी हैं। एनडीआरएफ की टीम के साथ धौरहरा के तहसीलदार ने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर हाल जाना।
लगातार बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी की बजह से पूरा तहसील क्षेत्र प्रभावित है। अभी भी दर्जनों गांवों में पानी भरा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इलाके में करीब दो सौ घर आंशिक और कुछ पूरी तरह गिर गए हैं। बाढ़ के पानी में फंस कर अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। राजस्व विभाग के मुताबिक अधिक बारिश से कुटी गांव की रामदेबी, मल्लबेहड़ की रामकली की घर की दीवार गिरने से मौत हुई थी। जबकि ऐरा के हरद्वारी और उनके पुत्र राजेश कुमार, लालापुरवा के राकेश, पलिहा के विपिन कुमार और शेरपुर के रोहित, कस्बे के छोटू समेत दस लोगों की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो चुकी है।
एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि सात मृतक आश्रितों को चार-चार लाख रुपया ई-पेमेेंट से उनके खातों मे भेजा गया है। जबकि पशु़ मालिकों को भी आपदा राशि दी जा चुकी है।
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103 प्रभावितों को दिया गया गृह अनुदान
धौरहरा। बाढ़ और बारिश के चलते संकल्पा, रामनगर बगहा, लाखुन, कबिरहा, अख्तियारपुर, फूलपुर, ऐरा चकनाथपुर, हौकनामटेरा, रानीपुरवा, समरदाबदाल, गुलरिया तालुके अमेठी, पांडेयपुरवा, ठकुरनपुरवा, शंकरपुर, परौरी, दुलही, धौरहरा, गोपालापुर, बेतीसहदेव, महराजनगर, चंदपुरा, टहारा, जंगलवाली, रुद्रपुर, सालिम, दुबेपुरवा, भेड़हिया, रैनी, फिरोजाबाद, नारीबेहड़, महतौपुरवा, लखपेड़ा, अकठी, चिकनाजती सहित करीब तीस गांवों मे दो सौ से अधिक कच्चे और पक्के मकान आंशिक कुछ पूरी तरह गिर गए हैं। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने बताया लेखपालों की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 103 पीड़ित परिवारों को गृह अनुदान दिया जा चुका है ।
तालाब में डूबे किशोर का दूसरे दिन भी पता नहीं लगा
निघासन। गांव पतिया में सोतिया नाले में डूबे किशोर का दूसरे दिन भी गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम पता लगाने में नाकाम रही। दो दिनों से एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीम तलाशने में जुटी रही।
बतादें कि गांव पतिया निवासी मजीद अली ने बताया कि थाना सिंगाही के गांव नौरंगाबाद निवासी रिश्तेदार रोजली का 15 वर्षीय पुत्र इरफान करीब एक साल से उसके घर पर रहता था। इरफान अली उनके घर पर रहकर यहां सिलाई का कार्य कर रहा था। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे अपने दोस्तों के साथ सुतिया नाले में बाढ़ देखने के लिए गया था। बताते हैं कि वह नाले के किनारे पर खड़ा था कि अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नाले में गिर गया। दोस्तों के चिल्लाने की आवाज सुनकर लुधौरी रेंज की वन चौकी में काम करने वाले वाचर आए और उसकी नाले में तलाश करने लगे हैं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। ब्यूरो