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सहालग में भी नहीं करा सके एक भी गरीब बेटी की शादी

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शादी - फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब बेटियों की शादी कराने के लिए नगरीय निकायों, ब्लॉकों और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने अब तक रुचि नहीं दिखाई है, जिससे डेढ़ माह में शादी कराने के नाम पर खाता तक नहीं खोला जा सका है। सामूहिक विवाह की प्रगति शून्य पाए जाने पर सीडीओ अमित सिंह बंसल ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को शासनादेश के मुताबिक सामूहिक विवाह कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह को एनजीओ की मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं।
समाज कल्याण विभाग से संचालित शादी अनुदान योजना बंद कर योगी सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लागू की थी, जिसके लिए डेढ़ माह पहले शासनादेश जारी हुआ था। तत्कालीन डीएम आकाश दीप ने 31 अक्तूबर 2017 को अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत), सभी 15 ब्लाकों के बीडीओ और 10 नगरीय निकायों के अधिशाषी अधिकारियों को आदेश की प्रतियां जारी कर अनुपालन के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सामूहिक विवाह कराना तो दूर आवेदन तक नहीं दर्ज किया गया है। इस समय सहालग सीजन होने के बावजूद एक भी शादी नहीं कराए जाने और एक भी पंजीकरण न होने पर सीडीओ अमित सिंह बंसल ने लापरवाही के लिए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि शासन के संज्ञान लेने पर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि मुख्यमंत्री के नाम से संचालित महत्वपूर्ण योजना की अभी तक शुरुआत ही नहीं हो सकी है। ब्लॉक और नगरीय निकायों के अधिकारियों की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने एनजीओ की मदद से सामूहिक विवाह कराए जाने का फैसला लिया है। इसके लिए उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए हैं।
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यह है सामूहिक विवाह योजना
पहले शादी अनुदान के तहत सीधे लाभार्थियों के खाते में 20 हजार रुपये दिए जाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति लाभार्थी 30 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें शादी पर 20 हजार और उपहारों पर 10 हजार रुपये के उपहार दिए जाएंगे।

यहां करें आवेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए गरीब बेटियों के अभिभावक ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत, ब्लाक मुख्यालय पर पंजीकरण कराएंगे। जबकि नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में पंजीकरण किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह ने कहा कि इस योजना में निराश्रित, निर्धन परिवारों की बेटियों के अलावा विधवा, परित्यकता, तलाकशुदा महिलाओं के विवाह के लिए पंजीकरण किए जाएंगे। योजना में शामिल होने वाले लाभार्थियों के धर्म-रिवाज के मुताबिक विवाह कराए जाएंगे।
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विवाह के पात्र लाभार्थियों को पंजीकरण कराने में यदि दिक्कत आ रही है, तो लाभार्थी अपने क्षेत्र के एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। गांवों में प्रचार प्रसार कर लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए एनजीओ की मदद लेने के निर्देश दिए हैं। अच्छे प्रदर्शन के आधार पर सामूहिक विवाह कराने में एनजीओ का सहयोग लिया जा सकता है।
- अमित सिंह बंसल, मुख्य विकास अधिकारी
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