सिस्टोन सिरप, लिव 52 टैबलेट सहित 31 प्रकार की दवाएं जांच में फेल पाए जाने पर इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंध के बाद भी अगर कोई इन दवाओं की बिक्री करते हुए पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील है कि इन प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग न करें। नए बैच की संबंधित दवाएं तभी बिकेंगी, जब उनकी जांच हो जाएगी। -डॉ. हरबंश कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
इन दवाओं में मिलावट मिली
गाजियाबाद से लिए गए विश्वास गुड हेल्थ कैप्सूल आयुर्वेदा, कानपुर से पेन निल चूर्ण, एज-फिट चूर्ण, अमृता आयुर्वेदिक चूर्ण, स्लीमेक्स चूर्ण, दर्द मुक्ति चूर्ण, आर्थोनिक चूर्ण, योगी केयर, लखनऊ से माइकॉन गोल्ड कैप्सूल, डायबियंट शुगर केयर टैबलेट, हाईपावर मूसली कैप्सूल, डायबिक केयर, गौतमबुद्ध नगर से झंडु लालिमा ब्लड एंड स्किन प्यूरिफायर, गाजियाबाद से हेल्थ गुड सीरप, हेपलिव डीएस सीरप, लखीमपुर से सिस्टोन सीरप, सीतापुर से बायना प्लस आयल, गौतमबुद्ध नगर से वातारिन ऑयल, गौतमबुद्ध नगर से लिव-52, वाराणसी से न्यू रिविल, लखनऊ बोस्टा एम आर टैबलेट, लखीमपुर से लिव-52 के सैंपल लिए गए थे, जिसमें मिलावट पाई गई।