बैंकों ने रिकार्ड भेजा जिस पर सरकार की मुहर लगना बाकी
पहले पांच जिलों में नए साफ्टवेयर पर कराई जाएगी फीडिंग
लघु एवं सीमांत किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक में कर्जामाफी का निर्णय करीब एक माह पहले लिया था, जिसके बाद अब तक किसान उहापोह में उलझे हैं, क्योंकि अभी बैंक अधिकारी भी कर्जामाफी को लेकर सस्पेंस में हैं और कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि जिले की सभी बैंकों ने कुल 3,42,009 लघु एवं सीमांत किसानों पर 2526 करोड़ रुपये ऋण होने की रिपोर्ट भेजी है।
विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक फसली ऋण माफ करने का वादा किया था। साथ ही उन्होंने रैली के दौरान कैबिनेट की पहली बैठक में कर्जामाफी का प्रस्ताव पास कराने का एलान भी किया था। इसके मुताबिक ही कैबिनेट की पहली बैठक में कर्जामाफी पर मुहर लगा दी गई थी, लेकिन अब भी किसानों को कर्जामाफी का इंतजार है। बैंक खातों में बकाया रकम में से एक लाख की रकम कम नहीं हुई। बैंक अधिकारियों का कहना है कि लघु एवं सीमांत किसानों का रिकार्ड शासन को भेजा जा चुका है। अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
अभी और करना पड़ेगा इंतजार
बैंक सूत्र बताते हैं कि सरकार ने साफ्टवेयर बनाया है, जिस पर पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पांच जिलों के किसानों की फीडिंग कराई जाएगी। जो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से लिंक होगा। संभावना यह भी जताई जा रही है कि पारदर्शिता के लिए राजस्व रिकार्ड को किसानों से लिंक किया जा सकता है। ताकि अलग-अलग बैंकों में ऋण लेने वाले किसानों को चिह्नित किया जा सके।
बांकेगंज क्षेत्र के ग्रंट नंबर तीन निवासी किसान दिलबाग सिंह ने बताया कि कर्जामाफी की घोषणा से राहत की सांस ली है। कहा इससे कर्ज के बोझ से डूबे किसानों में उम्मीद की आस जगी है।
दौलतपुर गांव निवासी किसान डॉ चंद्रभाल यादव ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा लघु-सीमांत किसानों के कर्जामाफी घोषणा का स्वागत किया है। कहा, इससे कर्ज में डूबे किसानों को कुछ राहत मिलेगी।
कोठीपुर गांव निवासी किसान राम सिंह का कहना है बैंकों से कर्ज लेकर खेती-बाड़ी करने वाले किसानों की चिंता कम हुई है। कर्जामाफी से बैंकों और सहकारी समितियों के कर्जदार किसानों का बोझ कम होगा।
गांव बांकेपुर निवासी किसान रामदुलारे का कहना है कर्ज के बोझ से दबे किसानों की आंखों से नींद उड़ी थी। बैंकों और सहकारी समितियों से कर्ज लेकर खेती-बाड़ी कर रहे किसान कर्ज अदायगी को लेकर चिंता में डूबा था। कर्जामाफी घोषणा से किसानों की चिंता कम हुई है।
कुल 3,42,009 लघु एवं सीमांत किसानों पर 2526 करोड़ रुपये ऋण है। इसमें 2,21,472 सीमांत और 1,20,537 लघु किसान हैं। प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2016 तक बैंकों से लिए गए फसली ऋण में एक लाख रुपये माफ करने की बात कही है।
-अशोक कुमार द्विवेदी, एलडीएम