पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सोमवार को हुए मतदान में ड्यूटी से गैरहाजिर रहे 27 कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक गई है। मामला नकहा ब्लाक का है, जहां विभिन्न विभागों के 27 कर्मचारी/अधिकारी तय समय पर मतदान ड्यूटी करने के लिए नहीं पहुचे। इससे मतदान ड्यूटी के लिए निर्वाचन अधिकारी को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए रिजर्व कर्मचारियों की मदद ली गई। निर्वाचन अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने अनुुपस्थित कर्मचारियों विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट भेजी है।
तीसरे चरण में मतदान के लिए ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को छह नवंबर को ब्लाक मुख्यालय पर उपस्थित होना था, लेकिन 27 कर्मचारी उपस्थित नहीं हुए और न ही ड्यूटी पत्र रिसीव किया। इतनी बड़ी तादाद में कर्मचारियों के अनुपस्थित हो जाने से निर्वाचन अधिकारी के समक्ष संकट उत्पन्न हो गया। तो मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए रिजर्व ड्यूटी में रखे गए कर्मचारियों को पोलिंग पार्टियों में शामिल कर मतदान केंद्रों पर भेजा गया। निर्वाचन अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अनुपस्थित रहे सभी 27 कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की संस्तुति कर रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई है।
ये रहे चुनाव ड्यूटी से अनुपस्थित
निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक शिक्षक आशीष रस्तोगी, दुर्विजय सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अरूणा चौधरी, सुनीता देवी, शिक्षामित्र अंजू देवी, पुरुषोत्तम, निष्कर्ष सिंह, संजय कुमार, शिवशंकर, सींच पर्यवेक्षक मुजीब अहमद, वाणिज्य कर के वरिष्ठ सहायक श्रीराम सिंह, आईटीआई के पवनेश कुमार, सफाईकर्मी विजय सिंह, मनोहर लाल, अवधेश प्रताप, मंडी मोहम्मदी के कैलाश, केन ग्रोवर्स के देवेंद्र कुमार, पशु चिकित्सालय के राजीव अवस्थी, शिक्षक प्रणव कुमार, अवधेश कुमार शर्मा, प्रताप अली, रमेश्वर प्रसाद, श्याममूर्ति शुक्ला, रमेश कुमार सिंह, शकील अहमद, प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार मिश्रा।