साहब फेयरवेल में व्यस्त, मायूस लौटे फरियादी
लखीमपुर खीरी। एसपी के तबादले के बाद बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का जायजा लिया। फरियादियों की भीड़ कार्यालय के गेट से लेकर अंदर तक लगी थी लेकिन एएसपी और सीओ धौरहरा के दफ्तर खाली थे। एसपी की अनुपस्थित में शिकायतों को सुनने वाले दोनों अधिकारी भी नदारद थे। डेढ़ से दो सौ किलोमीटर का सफर तय कर पीड़ा सुनाने आए फरियादियों को घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटना पड़ा। जानकारी करने पर पता चला कि सीओ धौरहरा अवकाश पर हैं। एएसपी घनश्याम चौरसिया एसपी की विदाई पार्टी में व्यस्त हैं।
सूबे में जब भाजपा सरकार आई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को दफ्तरों में सुबह नौ बजे से बैठने का फरमान जारी किया था। कुछ दिनों तक तो इसका असर रहा, लेकिन बाद में यह फरमान हवाई साबित होने लगा। थानों पर शिकायत की सुनवाई न होने के कारण फरियादी प्रतिदिन पीड़ा लेकर एसपी दफ्तर पहुंचते हैं। उन्हेें यह विश्वास होता है कि एसपी से मिलने के बाद उनकी समस्या का निस्तारण होगा, लेकिन ऐसा कम ही होता है। अधिकतर फरियादी दूसरी-तीसरी बार आते हैं। बृहस्पतिवार को भी लोग निघासन, चंदनचौकी, फूलबेहड़ आदि स्थानों से अपनी फरियाद लेकर आए और अफसरों के न मिलने पर मायूस होकर लौट गए।
दो घंटे से खड़ा हूं, साहब अभी नहीं आए
एसपी कार्यालय से लेकर गेट तक थाना खीरी के मोहल्ला पट्टी रामदास निवासी अतीक, एक परिवार की महिला के साथ चक्कर लगा रहे थे। उनसे जब पूछा गया कि किससे मिलना है, तो उन्होंने बताया कि एसपी साहब से मिलने आये थे, लेकिन यहां कोई नहीं हैं। उसकी पुत्री की शादी का मामला था। उसी की शिकायत करने आए थे। दो घंटे से खड़े हैं, लेकिन लगता है कि अब कोई नहीं आएगा।
कोई अप्लीकेशन लेने वाला तक नहीं
गांव महेवागंज निवासी रबी अहमद ने बताया कि वह सुबह करीब 10.30 बजे एसपी दफ्तर पर आए थे। करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद भी जब कोई नहीं मिला तो सोचा शिकायती पत्र किसी को दे दूं, लेकिन यहां कोई शिकायती पत्र लेने वाला भी नहीं हैं। पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि नौ नवंबर को जमकर पिटाई कर दी थी। तब से वह लखनऊ में भर्ती हैं। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या आदि धाराओं में रिपोर्ट तो दर्ज की है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। वह गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी दफ्तर पर आया था।
कुछ सरकारी काम भी थे। इसके अलावा हम लोगों ने ही एसपी की विदाई का कार्यक्रम रखा था, इसलिए ऑफिस लेट पहुंचा। उस समय जितने लोग आए थे, सबकी समस्याओं को सुना गया।
- घनश्याम चौरसिया, एएसपी