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फिर पलटी राना कंपनी की बस 15 घायल

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बस पलटी - फोटो : अमर उजाला
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सिंगाही। निघासन से तिकुनियां जा रही राना कंपनी की बस एक बार फिर पलट गई। हादसे में बस में सवार करीब 15 यात्री घायल हो गए। घायल अवस्था में पांच यात्रियों को निघासन सीएचसी में भर्ती कराया गया। आईटीआई कालेज की तीन छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। 10 जनवरी को इसी कंपनी की बस की स्टेयरिंग फेल होने के कारण इसी रोड पर निघासन कस्बे से कुछ दूरी पर पलट गई थी, जिससे 25 यात्री घायल हुए थे।
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तिकुनियां यूनियन की प्राइवेट बस (यूपी 31 टी 3164) सुबह करीब 10.50 बजे निघासन से सवारियां भरकर तिकुनियां को रवाना हुई थी। करीब 11 बजे सिंगाही थाना क्षेत्र के अयोध्या पुरवा के पास सामने से आ रही बस को ओवरटेक करते समय पलटकर गड्ढे में गिरकर बबूल के पेड़ के सहारे रुक गई।
किसी तरह से यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया। हादसे में बस में सवार आइटीआई कालेज नौरंगाबाद पढ़ने जा रही 20 वर्षीय छात्रा किरन पुत्री रामबहादुर के दाएं कंधे, 19 वर्षीय छात्रा ऊषा पुत्री बाबूराम निवासी मंझिली पुरवा के पैर फ्रैक्चर हो गए। इसी गांव के 65 वर्षीय गेंदू लाल को मामूली चोट आई। धरमापुर निवासी 21 वर्षीय छात्रा प्रियंका सिंह पुत्री रमेश सिंह का दाया कंधा और हाथ चोटिल हो गया। बस में सवार बिनौरा निवासी 45 वर्षीय रामनरेश के पैर में चोट आई है। इसके अलावा कई तिकुनियां निवासी वीरेंद्र सिंह उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र अरविंद और उनकी पत्नी सीता समेत 15 सवारियों को मामूली चोटें आईं। इन यात्रियों को प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बाद घर भेज दिया गया। सिंगाही एसओ अजय कुमार मिश्र ने घायलों के बयान दर्ज किए। पलटी हुई बस के पास में एसओ ने एक होमगार्ड और सिपाही की ड्यूटी लगाई है।
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निघासन। जिला मुख्यालय से तिकुनियां जा रही राना कंपनी की बस का सैलेंसर जुगाड़ करके चलाया जा रहा था। बस पलटने के बाद उसके नीचे का सिरा जब ऊपर हुआ तो पता चला कि बस में लगे सैलेंसर को रस्सी से बांधा गया था। आरोप है कि राना कंपनी की यह बस भी बिना फिटनेस के ओवरलोड सवारियों को भरकर सड़क पर फर्राटा भर रही थी। यदि सड़क के किनारे बबूल के पेड़ के सहारे बस न रुकती तो बड़ा हादसा हो सकता था। परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते ऐसी जर्जर बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं।
तहसील के बाशिंदों के लिए प्राइवेट बसें ही एक मात्र सहारा हैं। तिकुनियां रोड पर तिकुनियां यूनियन और पलिया रोड पर पलिया यूनियन की बसें चल रही हैं। पलिया यूनियन की बसें तो ठीक कंडीशन में हैं, लेकिन पलिया यूनियन की बस अत्याधिक खटारा हैं। 10 जनवरी को कस्बे के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र पर जब राना कंपनी की बस पलटी तो उसमें करीब 25 सवारियां घायल हुई थीं। छह सवारियां जिंदगी और मौत से अस्पताल में जूझ रही हैं। परिवहन विभाग यदि पहले हुए हादसे से सचेत हो जाता तो यह दूसरा हादसा नहीं होता।

हादसे के विरोध में वकीलों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
वकील संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अखिलेश यादव को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बेलरायां पनवारी राज्य मार्ग पर सरयू पुल से लेकर सिंगाही के कब्रिस्तान तक सड़क के किनारे मिट्टी का पटान न होने के कारण करीब 10 से 15 फुट गड्ढे हैं। इन गड्ढों को पटवाने की मांग की है। साथ ही खटारा बसों के संचालन पर एआरटीओ पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। वकील संघ अध्यक्ष चंद्रकेश मिश्रा, उमाकांत जायसवाल आदि ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस दौरान वकील विवेक शुक्ला, राकेश वैश्य, सोने लाल, टीआर यादव, लतीफ खां आदि वकील मौजूद रहे।
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इस बस के भी कागज, फिटनेस और बीमा नहीं था। खटारा बसों से लगातार हादसे हो रहे हैं। ओवरलोड वाहन और खटारा बसों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- सविरत्न गौतम, सीओ
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