लखीमपुर खीरी। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि संकट की घड़ी में हम शिक्षामित्रों के साथ हैं। आज शिक्षामित्र अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस संघर्ष में मैं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर रहूंगा। शिक्षामित्रों के साथ जो हुआ है इसका संज्ञान तत्काल उत्तर प्रदेश सरकार को लेना चाहिए और शिक्षामित्रों की मांगों पर तत्काल विचार करते हुए उन्हें स्वीकार करना चाहिए। जितिन प्रसाद बीएसए कार्यालय पर शिक्षामित्रों के धरने को संबोधित कर रहे थे।
जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश के एक लाख 72 हजार से अधिक शिक्षामित्रों का रोजगार छिन गया है। शिक्षामित्रों की समस्या के लिए वह उत्तर प्रदेश विधानसभा और लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के माध्यम से शिक्षामित्रों के समर्थन में आवाज उठाएंगे और शिक्षामित्रों को निश्चित रूप से रोजगार दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले प्रदेश और केंद्र की सरकारों में बैठे मुखिया देश के नौजवानों को रोजगार देने की बात करते थे सरकार में आने के बाद आज तक एक भी नौजवान को रोजगार तो दे नही पाये, उल्टे उत्तर प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षामित्रों का रोजगार जाने पर मौन व्रत धारण किए हुए हैं।
इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कस्ता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मैगलगंज, पिपरी, गुरदेव खेड़ा, औरंगाबाद, फत्तेपुर, मितौली, खंतादेसू, दानपुर, सरेली, भीखमपुर में सभाएं की। इस दौरान उनके साथ पूर्व जिलाध्यक्ष इकबाल अहमद खां, विनोद अवस्थी, राजीव अग्निहेात्री, दीपक बाजपेई, पप्पू वर्मा, प्रह्लाद पटेल, सुजीता कुमारी, नवीन पांडेय, विनीत मिश्रा, रामसागर मिश्र, सत्यपाल पटेल, राजेश दीक्षित, सरोज मिश्र, दुलीचंद भार्गव, डॉ. एलआर राज आदि मौजूद रहे।
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