लखीमपुर खीरी। विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को जारी नोटिस पर सुनवाई की 210 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य अफसर नामित हैं।
जिले में पहले 2889872 मतदाता थे। एसआईआर के बाद अब 2384069 मतदाता हो गए। करीब पांच लाख मतदाता कम हुए। एसआईआर में 89 हजार मृतक, 48 हजार डुप्लीकेट, 1.70 लाख शिफ्टिंग और नो मैपिंग के करीब 2.48 लाख मतदाता हैं। बिना मैपिंग के चिह्नित मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के मुताबिक, नोटिस दिया जाएगा। नोटिस पर मतदाता से साक्ष्य सहित संबंधित क्षेत्र के मतदाता होने के संबंध में जवाब मांगे जाएंगे।
मतदाता की ओर से दिए गए साक्ष्यों पर सुनवाई के लिए विधानसभा क्षेत्रवार सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियाें को अधिकृत किया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से नोटिस जारी करने का क्रम शुरू हो चुका है। नोटिस के सात दिन के अंदर मतदाता तो अपना पक्ष रखना होगा। नो मैपिंग की नोटिसों का 27 फरवरी तक निस्तारण किया जाना है।
ये दस्तावेज दे सकते हैं
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि किसी व्यक्ति या उनके माता-पिता, दादा-दादी का नाम वर्ष 2003 की सूची में शामिल नहीं है तो उनको केंद्र, राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम की तरफ से जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, 01.07.1987 से पहले जारी सरकारी प्रमाण पत्र/पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारी की तरफ से जारी जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाणपत्र शामिल हैं। सक्षम राज्य प्राधिकारी की तरफ से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, ओबीसी/एससी/एसटी या जाति प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में दर्ज अभिलेख, राज्य/स्थानीय प्राधिकरण की तरफ से तैयार किया गया परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र भी देना होगा।