मोहाना और कर्णाली नदियां निगल रही खेती की जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
तिकुनिया। भारत-नेपाल सीमा पर मोहाना और कर्णाली नदियों ने कटान करते हुए करीब पांच सौ एकड़ जमीन निगल ली है। नदियों के वेग को कम करने व उनकी दिशा बदलने के लिए मोहाना नदी पर कोई ठोकर न बनाए जाने से नदी कटान करती हुई कौड़ियाला गुरुद्वारा, खैरटिया, मंझरा, रेलवे ट्रैक की ओर तेजी से बढ़ रही है।
ग्राम पंचायत खैरटिया, जसनगर, सूरतनगर, गंगानगर में नदी की विनाशलीला जारी है। ग्रामसभा खैरटिया के मजरा अनूपनगर में कुछ साल पहले करीब सौ परिवार रहते थे। आज यह गांव उजाड़ हो चुका है। पंचायत के मजरा अनूप नगर की लगभग एक हजार एकड़ भूमि को भी निगल कर किसानों की कमर तोड़ दी थी। खैरटिया में नदी किसानों की करीब तीन सौ एकड़ जमीन फसल सहित कटान कर चुकी है।
नदी के कटान करने की गति अगर बरकरार रही तो नदी से करीब 300 मीटर पर स्थित खैरटिया मझरा पूरब बांध रोड तथा रेलवे ट्रैक तक आने में ज्यादा समय नही लगेगा और तब स्थिति को संभालना बहुत मुश्किल होगा। ग्रामसभा जसनगर में भी नदी ने किसानों की लहलहाती फसलों पर ग्रहण लगाना शुरू कर दिया है। कटान के भय से किसान अपनी अधपकी फसल खुद ही काटकर जानवरों को खिला रहे हैं। चौगुर्जी में भी नेपाली नदी कर्णाली कटान कर रही है।