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हेड- गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने विकास
भवन में सहायक निबंधक को बनाया बंधक
क्रय विक्रय सहकारी समितियों के संचालक पदों के निर्वाचन क्षेत्र के अवधारण में धांधली करने का आरोप
हंगामे और नारेबाजी के बीच तीन घंटे फंसे रहे अधिकारी
सहायक निबंधक पर भाजपा में फूट डालने के आरोप, निलंबन की मांग
सोमवार को आपत्तियों के निस्तारण का था अंतिम दिन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
सहकारी समितियों के चुनाव में गड़बड़ी किए जाने का सिलसिला अभी थमा नहीं है, जिससे निघासन क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। क्रय विक्रय सहकारी समितियों के संचालक पदों के निर्वाचन क्षेत्र के अवधारण में बड़े पैमाने पर धांधली किए जाने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने विकास भवन पहुंचकर सहायक निबंधक मंगल सिंह का घेराव कर दिया। सहकारी चुनाव के दौरान भाजपा में फूट डालने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने कई बार उग्र होकर नारेबाजी की और
निर्वाचन नियमावली की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाते हुए सहायक निबंधक को सस्पेंड करने की मांग की। विकास भवन के गेट पर धरना दिया, जिसके बाद डीएम ने कार्यकर्ताओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सहकारिता विभाग की सात क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की प्रबंध कमेटी के सदस्यों का चुनाव होना है, जिसके निर्वाचन क्षेत्रों का अंतिम अवधारण/आरक्षण रविवार को सिर्फ एक दैनिक अखबार में प्रकाशित कराया गया था। प्रकाशित अवधारण में निघासन क्षेत्र के कई निर्वाचन क्षेत्रों के गायब होने से भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। जिला उपाध्यक्ष दयाशंकर मौर्य, विनोद लोधी, देवेंद्र चतुर्वेदी, दामोदर वर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता सुबह 11 बजे ही विकास भवन पहुंच गए, जिसके बाद एक बजे सहायक निबंधक मंगल सिंह अपने कार्यालय पहुंचे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सहायक निबंधक को घेर लिया और आरोपों की बौछार कर दी। इससे सहायक निबंधक के हाथ-पैर फूल गए, क्योंकि इस दौरान कुछ लोग उग्र होकर नारेबाजी करने लगे। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने सीधे-सीधे पैसों के लालच में विपक्षी दलों के साथ मिलकर भाजपा में फूट डालने का आरोप सहायक निबंधक पर लगाया है। इसी के चलते निघासन और बेलरायां समिति के कई निर्वाचन क्षेत्रों को गायब करने और नियमावली को ताक पर रखकर कार्य करने का आरोप कार्यकर्ताओं ने लगाया है। सवालों से घिरे सहायक निबंधक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह, सीओ सिटी आरके वर्मा ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़ गए और सहायक निबंधक को विकास भवन से बाहर निकलने नहीं दिया। इस दौरान कई बार वार्ता के प्रयास विफल हुए। तीन बजे विकास भवन गेट पर कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने दोनों पक्षों से कैंप कार्यालय में वार्तालाप की, जिसमें भी सहायक निबंधक निर्वाचन क्षेत्रों के अवधारण के बारे में अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर सके। बल्कि उन्होंने एडीसीओ तारिक अहमद के पास फाइल होने का हवाला दिया, वह भी अवकाश पर बताए गए। इस दौरान श्यामजी पांडेय, घनश्याम वर्मा, रमाशंकर पांडेय, कमल मिश्रा, विनय जायसवाल आदि मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं में यह हैं गुस्से का कारण
निघासन समिति में एक हजार प्रतिनिधि हैं, जिनके 12 प्रतिनिधियों में से सात संचालक बनाए जाएंगे। शेष 988 प्रतिनिधियों में छह संचालक पद रखे गए हैं। बेलरायां समिति में लालापुर ग्राम पंचायत को काटकर धौरहरा के नजदीक के गांव सुजानपुर को जोड़ दिया गया है। वहीं, लालापुरवा को सिंगहा समिति से जोड़ दिया गया है। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।
ऐसे फंस गए सहायक निबंधक
सहायक निबंधक मंगल सिंह ने चार फरवरी 2018 को निर्वाचन क्षेत्रों का अनंतिम अवधारण जारी किया था, जिसमें सब कुछ ठीक ठाक होने पर किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। इसके बाद 18 फरवरी 2018 को अंतिम अवधारण प्रकाशित कराया गया, जिसमें कई निर्वाचन क्षेत्र को गायब कर दिया गया, तो कुछ गांवों को इधर से उधर कर दिया गया। लिहाजा भाजपा जिला उपाध्यक्ष दयाशंकर मौर्य समेत कार्यकर्ताओं यही सवाल सहायक निबंधक के सामने दागे, जिसके आगे वह कोई जवाब नहीं दे सके। यहीं से सहायक निबंधक पर दबाव बढ़ता गया। वहीं, हंगामे के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने आपा खोते हुए गाली-गलौज भी कर दी।
छुट्टी पर कैसे चला गया एडीसीओ
हंगामे के दौरान सहायक निबंधक ने अपने बचाव में कहा कि अवधारण से संबंधित फाइल एडीसीओ तारिक के पास है। इस पर कार्यकर्ताओं ने एडीसीओ को बुलाने के लिए कहा, जिस पर सहायक निबंधक ने उनके अवकाश पर होने की बात कह गई। इससे कार्यकर्ता भड़क गए और चुनाव प्रक्रिया के दौरान अवकाश दिए जाने पर सहायक निबंधक को घेरा।
13 जनवरी को हो चुकी मारपीट
सहकारी समितियों (पैक्स) में पिछले माह कराए गए चुनाव के दौरान 13 जनवरी 2018 की रात को विकास भवन में भाजपा के दो गुटों के बीच जमकर बवाल हुआ था। इसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित सहायक निबंधक से अभद्रता कर दी गई थी, जिसमें सदर विधायक योगेश वर्मा के समर्थकों पर आरोप लगे थे। मामला हाईकमान तक पहुंचने के बाद किसी तरह मामले को ठंडा कर दिया गया था, लेकिन इस बार भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीधे सहायक निबंधक को निशाने पर लिया है।
डीएम से वार्ता में यह थे शामिल
विधायक रामकुमार वर्मा के साथ भाजपा कार्यकर्ता कैंप कार्यालय पर डीएम से वार्ता करने के लिए पहुंचे। निघासन और बेलरायां का चुनाव निरस्त करने की मांग की और सहायक निबंधक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।
एडीसीओ तारिक ने प्रकाशन के लिए सूची बनाई थी, जिसके बारे में मुझे जानकारी नहीं थी। अब मामले की जांच कराई जाएगी।
मंगल सिंह, सहायक निबंधक
दूसरी बार गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, जो बेहद गंभीर बात है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
शरद वाजपेयी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। आरोपों की पुष्टि होने पर निघासन और बेलरायां समिति के चुनाव निरस्त किए जा सकते हैं। दोषी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम