लखीमपुर खीरी। तीन दिनों से जारी कोहरे के कहर के बाद बुधवार को ठंडी हवा के साथ बारिश हुई। सुबह से दोपहर तक रुक रुक कर कभी बूंदाबांदी तो कभी रिमझिम बारिश हुई। दोपहर बाद हुई बारिश से मौसम तर हो गया। बारिश के साथ ठंडी हवा चलने से ठंड में इजाफा हुआ है। बारिश से दिन भर जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त रहा। बच्चों को स्कूल कॉलेज और लोगों को अपने काम पर जाने में दिक्कत हुई।
कड़ाके की ठंड के बावजूद तापमान में खास गिरावट नहीं आई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मंगलवार रात से ही आसमान में बादल घिरने शुरू हो गए थे। सुबह बादल और घने हो गए। कुछ ही देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद दोपहर बाद तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। कई जगह ओले भी गिरे। इससे ठंड में और ज्यादा इजाफा हो गया। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि अगले दो दिनों तक इसी तरह मौसम खराब रहेगा। बादल छाए रहेंगे बारिश भी होगी।
गोला गोकर्णनाथ। दो दिन घने कोहरे के बाद बुधवार को एकाएक मौसम ने करवट बदली और गरज चमक के साथ हुई बारिश से सर्दी बढ़ी जिससे लोगों को घरों में दुबकना पड़ा। बांकेगंज, बिझौली, संसारपुर, ममरी, अलीगंज, पिपरियाधनी आदि क्षेत्रों में लोगों को ठंड से बचने के लिए अलाव जलाने पड़े। दोपहर में घने बादलों के बीच छाए अंधेरे के कारण वाहनों को लाइट जलाकर निकलना पड़ा। वहीं लाही, गन्ना, गेहूं, सरसों आदि फसल को फायदा हुआ है।
मैलानी। बुधवार को अचानक मौसम बदलने से दिन में दो बार बारिश हुई और बादल इतने घने काले हो गए कि एकदम घुप्प अंधेरा हो गया। इससे वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलने को विवश होना पड़ा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए थे। नौ बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई फिर दस बजे बारिश हुई। इसके बाद दोपहर बारह बजे भी बारिश हुई और करीब आधे घंटे तक होती रही। फिर उसके बाद आसमान साफ हो गया और धूप खिल गई, शाम को फिर बादल छा गए।
बारिश से फसलों को हुआ काफी फायदा
कृषि विज्ञान केंद्र लखीमपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि बुधवार को रुक रुक कर कभी हल्की तो कभी अच्छी बारिश से गेहूं, जौ, चना, लाही, सरसों, गन्ना आदि की फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। मटर को मामूली नुकसान हुआ है। गन्ने को भी बारिश ने फायदा पहुंचाया है। सब्जियों को फायदा हुआ है।