पीसीएफ के तत्कालीन प्रबंधक समेत तीन पर गबन की एक और एफआईआर
28 लाख के बारदाना समेत 32 लाख रुपये के गबन का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। पीसीएफ के तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव समेत तीन कर्मचारियों पर सदर कोतवाली में तीसरा मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि इससे पहले भीरा और खीरी थाने में एक-एक मुकदमा दर्ज हो चुका है। ताजा मामले में 28 लाख रुपये कीमत के बारदाना समेत कुल 32 लाख रुपये के गबन का आरोप है। गबन के सभी मामले 2017-18 में गेहूं और धान खरीद से जुड़े हैं।
अगस्त 2018 में पीसीएफ के एमडी के आदेश पर लखनऊ के उप महाप्रबंधक/जांच अधिकारी नरेंद्र सिंह की अगुवाई में आई तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की थी, जिसके आधार पर ही अलग-अलग आरोपों में सिलसिलेवार एफआईआर कराई जा रही हैं। पीसीएफ के जिला प्रबधंक शैलेंद्र शुक्ला ने सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी है। तहरीर के मुताबिक खाद्य विभाग से 15 लाख आठ हजार 413 जूट बोरों की खरीद की गई थी, लेकिन क्रय केंद्रों पर 14 लाख 48 हजार 413 बोरे भेजे गए। शेष 60 हजार बोरों का गबन कर लिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 28 लाख (45 रुपये प्रति बोरा) है। इस मामले में तत्कालीन जिला प्रबधंक प्रभंजन यादव और भंडारनायक देवेंद्र कुमार पर साठगांठ करके गबन का आरोप है। दूसरा आरोप यह है कि बोरा उठान के नाम पर कार्यालय से तीन लाख रुपये एडवांस में ले लिए गए, जो नियमानुसार गलत है। इसके बाद तीन लाख में से सिर्फ 1,62,458 रुपये के बिल बाउचर प्रस्तुत किए, शेष 1,37,542 रुपये का भंडारनायक देवेंद्र कुमार ने गबन कर लिया है। तीसरा आरोप है कि कनिष्ठ सहायक विनय वर्मा ने गेहूं खरीद 2017-18 में पोर्टल पर खरीद की फीडिंग कराने के लिए एक लाख रुपये एडवांस ले लिया, जिसके बिल बाउचर भी प्रस्तुत नहीं किए। जबकि कर्मचारी होने के चलते फीडिंग कार्य के लिए अलग से भुगतान का प्रावधान नहीं है।
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तीनों आरोपियों के हो चुके तबादले
गबन के आरोपी तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव का जुलाई में बरेली मुख्यालय तबादला हुआ था। जहां पर निलंबन की कार्रवाई होने के बाद उन्हें मेरठ कार्यालय से संबद्ध किया जा चुका है। इसी तरह भंडारनायक देवेंद्र कुमार और कनिष्ठ सहायक विनय वर्मा का भी दूसरे जिले में तबादला हो चुका है।
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पीसीएफ के तत्कालीन जिला प्रबंधक समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ लाखों के गबन के आरोप हैं। तहरीर मिली है, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
- अशोक कुमार पांडेय, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली