‘जीएसटी में चाहिए और सरलीकरण’
प्रतिमाह के बजाय छमाही रिटर्न दाखिल करने की मांग
ऑनलाइन आवेदन करने पर डीलर को तीन दिन में मिलेगा रजिस्ट्रेशन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जीएसटी लागू हुए एक जुलाई 2018 को एक वर्ष पूरा होने पर वाणिज्य कर विभाग ने स्थापना दिवस मनाया है। वहीं व्यापारियों ने जीएसटी में अभी और सरलीकरण किए जाने की आवश्यकता जताई है। मसलन प्रतिमाह और तिमाही रिटर्न दाखिल करने के बजाय छमाही और सालाना रिटर्न दाखिल किए जाने की मांग रखी है, जिससे उन पर दबाव कम हो सके। वहीं जीएसटी से वस्तुओं के मूल्य पर कोई अंतर नहीं पड़ा है, बल्कि बिल पर जीएसटी की दरें अंकित होने से ग्राहकों के समक्ष व्यापारियों को सफाई जरूर देनी पड़ रही है।
जनपद में करीब 1100 नए व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि इससे पहले करीब 14 हजार व्यापारी वैट आदि में पंजीकृत थे, जिनमें अधिकांश ने जीएसटी समायोजन करा लिया है। शुरुआती दौर में कई तरह की दिक्कतें झेलने के बावजूद व्यापारी जीएसटी को अच्छा कदम मान रहे हैं, क्योंकि नंबर एक में काम करने वाले व्यापारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है। वहीं नंबर दो (बगैर बिल) में माल बेचकर मोटा मुनाफा कमाने वाले व्यापारियों पर इसका सबसे ज्यादा विपरीत असर जरूर पड़ा है, जिनका जमा जमाया धंधा चौपट हो गया। वहीं वैध तरीके से व्यापार करने वाले व्यापारियों को कई माह तक रिटर्न दाखिल करने में दिक्कतों से जूझना पड़ा था, जिसमें सर्वर की खराबी होने से रिटर्न भरने में देरी पर भी व्यापारियों पर जुर्माना डाला गया। हालांकि बाद में सरकार ने सरलीकरण करते हुए व्यापारियों को जुर्माने से राहत प्रदान कर दी थी।
ऐसे बढ़ी परेशानी
जीएसटी लागू होने के बाद बिल पर जीएसटी की दर का विवरण अंकित किया जा रहा है। इससे कई बार ग्राहक जीएसटी देने से मना करने लगता है, जिससे व्यापारियों को समझाने में मशक्क्त करनी पड़ती है। पहले भी टैक्स देना पड़ता था, लेकिन तब ग्राहक को जानकारी नहीं होती थी।
तीन दिन में जारी होगा रजिस्ट्रेशन
जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए व्यापारियों को आनलाइन आवेदन करना होगा। सहायक आयुक्त आनंद कुमार ने बताया कि कोई भी व्यापारी वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.जीएसटी.जीओवी.इन पर आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए कोई फीस नहीं है। आवेदन के तीन दिन में जीएसटी रजिस्ट्रेशन जारी कर दिया जाएगा।
सर्वर की समस्या खत्म, 21 प्रतिशत बढ़ा राजस्व
सहायक आयुक्त आनंद कुमार ने बताया कि रिटर्न दाखिल करने में आने वाली समस्या करीब तीन माह से खत्म हो गई है। अब व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश के राजस्व में करीब 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
स्थापना दिवस मनाया
रविवार को वाणिज्य कर कार्यालय में जीएसटी के एक साल पूरे होने पर स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान सहायक आयुक्त सुधीर त्रिपाठी, आनंद कुमार, प्रशासनिक अधिकारी ज्ञानप्रकाश गुप्ता, वाणिज्य कर अधिकारी आरपी वर्मा और रामघवराम तिवारी मौजूद रहे।
बाक्स=वर्जन
खाद्य उत्पादों के मूल्य पर जीएसटी का कोई असर नहीं हुआ है। व्यापारियों पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं हुआ है। सरलीकरण किए जाने की जरूरत है, क्योंकि एक करोड़ से अधिक टर्नओवर के चलते प्रतिमाह रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता से अनावश्यक दबाव रहता है। इसलिए छमाही या सालाना रिटर्न भरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तो व्यापारियों को राहत मिलेगी।
- मदन मोहन अग्रवाल, व्यापारी
जीएसटी से महंगाई नहीं बढ़ी है, बल्कि भाड़ा वृद्धि से वस्तुओं के दाम में उतार चढ़ाव हो रहा है। नमकीन पर 12 प्रतिशत जीएसटी है, लेकिन रेट में कोई अंतर नहीं आया है। सरलीकरण किए जाने से समस्याएं खत्म हुई हैं।
कैलाश नाथ गुप्ता, व्यापारी
जीएसटी में और सरलीकरण की जरूरत है। अभी भी जटिलताएं बहुत हैं। वैट की तरह महीने में एक बार ही नक्शा दाखिल होना चाहिए। जीएसटी के आने से कागज की कार्रवाई बढ़ी है, जिससे व्यापार भी प्रभावित हुआ है।
अतुल अग्रवाल, प्रमुख व्यापारी गोला
जीएसटी के शुरुआती दौर में करीब सात माह तक पोर्टेबिल समस्या रही, लेकिन अब काम सुचारु रूप से चल रहा है। इससे व्यापार पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। बल्कि जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
- जितेंद्र गट्टानी, प्रमुख व्यापारी गोला