1.87 लाख शौचालय बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार
तीन माह में पूरे जनपद को ओडीएफ कराने की चुनौती
अन्य विभागों की मदद से मिशन बनेगा जनआंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद के सभी गांवों को ओडीएफ कराने के लिए तीन माह बचा है, जिसमें 1.87 लाख शौचालय बनाने हैं। यूनिसेफ की टीम ने वस्तु स्थिति विशलेषण के लिए कार्यशाला की। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, एनआरएलएम आदि विभागों के अधिकारी शामिल हुए। यूनीसेफ के पेयजल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ चिरंजीवी तिवारी ने सभी ब्लाकों के 15 गांवों के भ्रमण से प्राप्त फीडबैक के आधार पर समस्याओं पर चर्चा करते हुए तीन माह में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक्शन प्लान के बारे में बताया।
जिला पंचायत सभागार में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य दूर नहीं है। तीन माह का पर्याप्त समय है, जिसमें बेसलाइन सर्वे में शामिल लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर शौचालय की धनराशि मुहैया कराएं। हर गांव में एक मॉडल शौचालय बनाने का सुझाव देते हुए डीएम ने आंगनबाड़ी वर्करों से स्वच्छाग्राही के तौर पर कार्य कराने के निर्देश दिए। इसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी से सूची उपलब्ध कराने के लिए कहागया। स्टेट कोआर्डिनेटर तुहीना राय ने कहा कि गांवों में व्यवहारिक समस्या है, क्योंकि बाहर शौच जाने वालों पर समुदाय कोई कार्रवाई नहीं करता है। कुछ लोग पैसा मिलने के लालच में शौचालय नहीं बनवा रहे, जबकि वह लोग सक्षम हैं। उन्होंने एक्शन प्लान के बारे में कहा कि विशेष कैंपेन चलाकर लोगों का व्यवहार परिवर्तन किया जा सकता है। जैसे रक्षाबंधन पर स्वच्छता बंधन, 300 गांवों को 30 दिन में ओडीएफ बनाना, हल्ला बोल गड्ढा खोद, मानसून कैंपेन, स्कूली बच्चों की जिद है, लखीमपुर को लक्ष्मी निवास बनाना है आदि। जिला परियोजना कोआर्डिनेटर नंदकिशोर दीक्षित ने कहा कि 45 पदों के सापेक्ष सिर्फ 15 ब्लॉक कोआर्डिनेटर कार्यरत हैं। 30 ब्लाक कोआर्डिनेटर कम होने से दिक्कतें आ रही हैं। कार्यशाला में सीडीओ रवि रंजन, डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, डीआईओएस डॉ आरके जायसवाल, बीएसए बुद्धप्रिय सिंह, उपायुक्त स्वत: रोजगार निर्मल द्विवेदी समेत सभी ब्लाकों के बीडीओ, प्रधान मौजूद रहे।
2300 शौचालय प्रतिदिन बनाने की जरूरत
कार्यशाला में तीन माह के अंदर 1.87 लाख घरों में शौचालय बनाने के लक्ष्य पर अधिकारियों ने विचार रखे। लक्ष्य को दो अक्तूबर 2018 तक हासिल करने के लिए प्रतिदिन 2300 शौचालय बनाए जाने पर जोर दिया गया।