गेहूं खरीद में गड़बड़ी मिलने पर नपेंगे केन्द्र प्रभारी
टाप 20 केन्द्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों का होगा सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। एडीएम ने सरकारी गेहूं खरीद में सबसे अधिक खरीद करने वाले टाप 20 क्रय केन्द्रों की जांच कराने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद से केन्द्र प्रभारियों में हड़कंप है। वजह है कि राजस्व विभाग के लेखपालों से गेहूं बेचने वाले किसानों का सत्यापन कराया जाएगा, जिसमें किसान के खेत में बोई गई फसल से लेकर एरिया के आधार पर जांच की जाएगी। साथ ही गन्ने के एरिया का भी आकलन किया जाएगा।
जनपद में सीधे किसानों से गेहूं खरीदने के लिए 179 क्रय केन्द्र प्रस्तावित किए गए थे, जिनमें से 166 केन्द्रों पर गेहूं खरीद की सूचना है। करीब एक पखवाड़े से बारदाने की किल्लत बनी हुई है, जिससे आधे से अधिक क्रय केन्द्रों पर खरीद बाधित हुई है। तो वहीं कुछ क्रय केन्द्रों के पास बारदाने की कमी नहीं है, जिससे इन पर धड़ल्ले से प्रतिदिन हजारों क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। इससे गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, जिसको लेकर एडीएम अरुण कुमार सिंह ने सबसे अधिक गेहूं खरीदने वाले टाप 20 क्रय केन्द्रों की जांच के आदेश दिए हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि 20 क्रय केन्द्रों की सूची एडीएम को सौंप दी गई है। इन केन्द्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों का सत्यापन कराया जाएगा। खतौनी के आधार पर खेत में बोई गई फसलों की जांच कराई जाएगी। औसत उत्पादन से अधिक गेहूं बेचने वाले किसान जांच के दायरे में आएंगे, जिसके साथ ही भुगतान प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
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टाप 20 क्रय केन्द्रों की सूची एडीएम कार्यालय को सौंप दी गई है, जिसमें ज्यादातर केन्द्र मंडी समितियों के हैं। इसमें एफसीआई, पीसीएफ और विपणन शाखा के केन्द्र हैं।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी