लखीमपुर खीरी।
अगहनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में श्रद्धा की डुबकी लगाने के बाद भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की। इस मौके पर शहर के पास से बहने वाली उल्ल और कंडवा नदियों में स्नान किया। अमावस्या पर प्राचीन लिलौटीनाथ मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, पूरे दिन यहां मेला लगा रहा। भुइफोरवानाथ मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले लोगों का तांता लगा रहा। धौरहरा में सरजू नदी, गोला गोकर्णनाथ में गोकर्ण तीर्थ, पलिया में शारदा नदी और मैगलजगंज, मोहम्मदी क्षेत्र में गोमती नदी में स्नानार्थियों की भीड़ रही।
धौरहरा। क्षेत्र में अगहनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में डुबकी लगाई और शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया। शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या में पुरोहितों को श्रद्धालुओं ने तिल, तेल, गुड़ का दान कर सत्यनारायण की कथा सुनी। शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में स्नान कर पुरोहितों को दान किया। स्नान के बाद श्रद्धालु सरयू नदी से कांवर भर कर क्षेत्र के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना की और सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी।
कफारा के एतिहासिक श्रीलीलानाथ मंदिर कस्बे के नागेश्वरनाथ मंदिर, नारायणेश्वर मंदिर, जंगलीनाथ मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मान्यता है कि शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालु तेल, तिल, गुड़, काले वस्त्रों का दान करते है।
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