लखीमपुर खीरी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) नामक बीमारी से पीड़ित दो बच्चों की मौत हो गई है। गुरुवार को गंभीर हालत में दोनों बच्चों को आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा वार्ड में चार एईएस पीड़ित बच्चे भर्ती हैं। जबकि बुखार और डायरिया पीड़ित बच्चों से चिल्ड्रेन वार्ड भर गया है।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में गुरुवार को सदर क्षेत्र के गांव मटेही निवासी रंजीत ने बुखार आने पर आठ माह के पुत्र शिवा और सिंगावर गांव निवासी शिवबालक ने अपने आठ वर्षीय पुत्र मस्तराम को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया था। दोनों बच्चों की हालत गंभीर होने पर दोनों को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया। जहां पर कुछ देर चले इलाज के बाद दोनों की मौत हो गई। मासूमों की मौत से परिवार वालों में कोहराम मच गया। इसके अलावा निघासन निवासी अतीक की दो वर्षीय पुत्री शगूफी, हैदराबाद निवासी सरजू प्रसाद की तीन वर्षीय पुत्री सोनिया, खीरी निवासी लिटिल के एक वर्षीय पुत्र आयुष एवं अनिल कुमार के छह वर्षीय की पुत्री अंशिका, ईसानगर निवासी नरेंद्र की डेढ़ वर्षीय पुत्री लक्ष्मी का इलाज चल रहा है।
बाक्स=
एक साल के भीतर दोनों बेटों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। गुरुवार को एईएस पीड़ित आठ वर्षीय मस्तराम की मौत से जहां शिवरानी की गोद सूनी हो गई। वहीं उसके घर की खुशियां भी काफूर हो गईं हैं। शिवरानी पर ऐसा कहर टूटा कि एक साल के भीतर उसके दोनों पुत्र असमय काल के शिकार हो गए। उसके बड़े पुत्र की पिछले साल सांप के काटने से मौत हो गई थी।
ईसानगर के सिंगावर निवासी शिवबालक दो-तीन बीघा खेत के जोतकार है। खेती के साथ मेहनत मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले शिवबालक अपनी पत्नी शिवरानी, पुत्र डगरू एवं मस्तराम के साथ हंसी खुशी जीवन व्यतीत कर रहे थे। लेकिन उनकी खुशियों को मानो किसी की नजर लग गई। पिछले साल घर में ही खेलते वक्त 13 वर्षीय डगरू को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद शिवबालक और शिवरानी अपने इकलौते पुत्र मस्तराम को देखकर अपना जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन बृहस्पतिवार को अचानक मस्तराम को सरदर्द होने के साथ बुखार आने पर शिवबालक उसे लेकर जिला अस्पताल लाए, जहां से उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। थोड़ी ही देर बाद उसकी भी मौत हो गई। मस्तराम की मौत से आहत शिवरानी और शिवबालक का रो-रो कर बुरा हाल है।
================