लखीमपुर खीरी। धनतेरस के लिए बाजार सजकर तैयार है। सोने चांदी की दुकानों पर आभूषणों की चमक से बाजार जगमगा रहा है। धनतेरस सोमवार को है। धनतेरस पर सोने चांदी आदि धातुओं को खरीदना शुभ माना जाता है। इसके चलते सराफा बाजार के साथ-साथ बर्तन बाजार भी चमक रहा है। दिवाली को लेकर लोगों में खासा उत्साह है इसका अंदाजा बाजार में उमड़ रही भारी भीड़ से मिल रहा है। ऑटो और इलेक्ट्रानिक बाजार भी अपने पूरे शबाब पर है। लोग अपने वाहनों की बुकिंग पहले ही करा चुके हैं। सोमवार को शोरूम से वाहन घर लाने की तैयारी में लोग जुटे हुए हैं। लोगों के उत्साह को देखते हुए लगता है पिछले वर्षों की अपेक्षा इस बार बाजार पर लक्ष्मी की कृपा ज्यादा बरसेगी।
एंटीक आइटम और ब्रांडेड ज्वैलरी का जलवा
धनतेरस के लिए सर्राफा बाजार फूलों की लड़ियों और बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सज गई है। धनतेरस के पहले रविवार को ज्वैलरी की दुकानों पर आभूषण पसंद कर उन्हें बुक कराने को खासी भीड़ रही। एक सराफा व्यवसायी ने बताया कि इस बार लोग एंटीक आइटम और ब्रांडेड ज्वैलरी को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। हीरे के आभूषणों की मांग भी बढ़ी है।
सावधान, जरा भी चूके तो सोने-चांदी का मिलावटी सामान ले जाओगे
लखीमपुर खीरी। धनतेरस में खरीदारी बेहद शुभ मानी जाती है, लेकिन बाजार मिलावटी सामान से पटा पड़ा है। ऐसे में आपकी समझदारी ही काम आएगी वरना मिलावटी सामान घर ले जाओगे। अमर उजाला टीम ने खरीदारों को बाजार के धोखे से बचाने के लिए पड़ताल की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। सोने और चांदी के कारोबार की जड़ तक को जानने वाले जानकारों ने बताया कि सोने में कितना सोना है यह सुनार के अलावा दूसरा कोई नहीं बता सकता। सोने की पहचान तो सुनार ही जानता है। सराफा कारोबारी 24 कैरेट को शुद्ध सोना बताते हैं, लेकिन उसमें भी 75 फीसदी ही सोना होता है। शेष 25 फीसदी मेें तांबा, अभ्रक, चांदी और दूसरी धातुएं मिली होती हैं। मिलावट के परसेंटेज में ही बड़ा खेल होता है। इसके अलावा सोने में काला पाउडर और चीनी पाउडर नाम से प्रचलित इरीडियम, रुथेनियम और चांदी में कैडमियम पाउडर की मिलावट हो रही है। इस तरह आपको 35 फीसदी तक का नुकसान हो सकता है। जानकारों का कहना है कि सदैव अपने भरोसे के दुकानदार से ही सोने चांदी की खरीद करनी चाहिए।
दो तरह के सोने के भाव होते हैं
बाजार में दो तरह के सोने के भाव जारी होते हैं स्टैंडर्ड और ज्वैलरी, स्टैंडर्ड का भाव ज्वैलरी से ज्यादा होता है। स्टैंडर्ड सोने को 100 फीसदी शुद्ध माना जाता है, लेकिन इसकी पहचान आम लोगों को नहीं होती। आभूषण तो मिलावट के बिना बन ही नहीं सकते। मिलावट कम या ज्यादा कर मुनाफे का पैमाना तय होता है। इसी तरह चांदी में भी गिलट के मिलावट का बड़ा खेल उपभोक्ताओं की समझ से बाहर है।
चांदी के पुराने सिक्कों का क्रेज ज्यादा
चांदी के पुराने सिक्कों विक्टोरिया मार्का का क्रेज ज्यादा है, लेकिन जानकार बताते हैं कि ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए एंटीक लुक वाले सिक्कों का वजन भी ज्यादा है। एक दुकानदार ने बताया कि क्रेज अधिक होने के कारण ही मिलावटी सिक्के बिक रहे हैं।
स्टील की अपेक्षा कीमती धातुओं के बर्तनों की मांग
धनतेरस पर सबसे ज्यादा बिक्री बर्तनों की होती है। बर्तन आम लोगों की पहुंच मेें होते है और दिवाली के खर्चीले बजट में आसानी से एडजस्ट हो जाने के कारण लोग बर्तन खरीद रहे हैं। बर्तन व्यवसायी काशीनाथ पाठक बताते हैं कि इस बार स्टील की अपेक्षा तांबा, पीतल, कस्कुट, फूल और मिश्र धातु के बर्तनों की ज्यादा मांग है। रिसेल वैल्यू के कारण पिछले कई साल से इनकी मांग बढ़ी है।
इठलाया ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार
अब धनतेरस पर लोग नई गाड़ी और इलेक्ट्रानिक्स सामान खरीदने को भी प्राथमिकता देते हैं। इसके चलते ऑटो बाजार और इलेक्ट्रानिक्स मार्केट भी इठला रहा है। पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों के चलते इस बार आटो बाजार पिछले वर्षों की अपेक्षा कुछ हल्का रह सकता है। जबकि इलेक्ट्रॉनिक बाजार में इस बार पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा रौनक दिख रही है।
गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों से पट गया है बाजार
दिवाली पर पूजन के लिए लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों की दुकानें मेनरोड, संकटादेवी रोड, जनता धर्मशाला के पीछे समेत विभिन्न सड़कों के किनारे फुटपाथों पर सजी हुई हैं। गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां बाजार में 50 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक में उपलब्ध हैं। मिट्टी की मूर्तियों के अलावा प्लास्टर आफ पेरिस की मूर्तियों में कलाकारों ने बेहतर कलाकारी दिखाई है। गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों के साथ कुबेर और हनुमानजी की मूर्तियां भी बाजार में है।