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सीएचसी अधीक्षकों की लापरवाही से प्रभावित हुई जिले की रैकिंग

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जिले की रैकिंग प्रभावित, प्रदेश में हुई फजीहत
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एमसीटीएस पोर्टल पर योजनाओं की फीडिंग न करना बना कारण
डीएम की नाराजगी पर सीएमओ हुए सख्त, दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य संबंधी तमाम योजनाएं संचालित हैं। जिनकी मदर एंड चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम (एमसीटीएस पोर्टल) पर ऑनलाइन फीडिंग होना अनिवार्य है, लेकिन जिले के सीएचसी अधीक्षक पोर्टल पर फीडिंग कराने में लापरवाही बरत रहे हैं। जिस कारण प्रदेश स्तर पर पोर्टल पर फीडिंग को लेकर हुई समीक्षा बैठक में जिले की रैकिंग काफी कम रही। फीडिंग के मामले में जिले की प्रदेश स्तर पर हुई फजीहत पर डीएम के नाराजगी जताने पर सीएमओ ने अधीक्षकों को पोर्टल पर फीडिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं का परीक्षण, अस्पताल में हुए प्रसव, जन्में बच्चों की संख्या आदि की रिपोर्ट एमसीटीएस पोर्टल पर फीड करना अनिवार्य है, लेकिन सीएचसी अधीक्षक पोर्टल पर इनकी फीडिंग कराने में रूचि नहीं ले रहे हैं। जिस कारण प्रसव मामले में पलिया, कुंभी, धौरहरा, पसगवां, फूलबेहड़, नकहा एवं जन्में बच्चों में फरधान, बिजुआ, पसगवां, पलिया, बांकेगंज, नकहा, गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में फरधान, पलिया, ईसानगर, नकहा, बिजुआ, निघासन एवं एएनसी में पलिया, गोला, पसगवां, फूलबेहड़, धौरहरा, मितौली और संपूर्ण टीकाकरण में मितौली, पलिया, पसगवां, ईसानगर, फूलबेहड़ एवं नकहा की प्रगति सबसे खराब रही है। इस कारण प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में जिले की रैकिंग 58 रही। इसपर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के नाराजगी जताने पर सीएमओ ने अधीक्षकों को जल्द से जल्द फीडिंग करने के निर्देश दिए हैं।
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वर्जन
पोर्टल पर फीडिंग के मामले में कुछ अधीक्षकों के रूचि न लिए जाने से जिले की रैकिंग काफी कम रही। अधीक्षकों को फीडिंग जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे अगली बैठक में जिला टॉप टेन में शामिल हो सके।
- डॉ. मनोज अग्रवाल सीएमओ
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