बांकेगंज। डीटीआर बफरजोन के भीरा रेंज जंगल के बीच से होकर गुजरी कुकरा-भीरा सड़क पर एक बाघ रोड क्रास करके इससे सटे जंगल में घुस गया। बाघ को सड़क क्रास करते देख उधर से गुजर रहे दोपहिया और चौपहिया वाहनों के पहिए थम गए। राहगीर बाघ की तस्वीर अपने मोबाइल में कैद करते इससे पहले बाघ उनकी आंखों से ओझल हो गया। वन विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए मामले को सामान्य बताया है।
घटना सोमवार रात करीब नौ बजे की है। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज जंगल से होकर गुजरी रोड पर उल्ल नदी किनारे झाड़ियों से निकला एक बाघ इससे सटी भीरा-कुकरा रोड को क्रास करता हुआ पल्हनापुर बीट जंगल में चला गया। इस दौरान उधर से गुजर रहे वाहन चालकों को हेडलाइट की रोशनी में बाघ सड़क पार करते दिखा तो उन्होंने अपनी गाड़ियां रोक लीं। बाघ के जंगल में जाने के बाद ही वाहन आगे बढ़े। चौपहिया वाहनों में तेज ब्रेक लगने की आवाज सुनकर जंगल में गश्त कर रहे रेंजर राकेश बाबू वर्मा, फॉरेस्टर राजेश दिक्षित, अमर पाल ने मौके पर पहुंचकर वाहन चालकों बांकेगंज निवासी विनोद गोयल, हरीकिशन अग्रवाल, अरूण कुमार आदि से जानकारी ली। उन्होंने वाहन चालकों को वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण बाघ के रोड क्रास करने की घटना को सामान्य प्रक्रिया बताया। उधर, डीटीआर बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि जंगल के प्राकृतिक आवास में रहने वाल बाघ सहित अन्य वन्यजीव रात के समय स्वछंद विचरण के लिए निकलते हैं, जो जंगल के बीच से होकर गुजरी सड़कों तक पहुंच जाते हैं। वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र की सड़कों पर वाहनों की गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है।