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जागरूकता अभियान के साथ बाघ सुरक्षा माह शुरू

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जागरूकता अभियान के साथ बाघ सुरक्षा माह शुरू

लखीमपुर खीरी। दिसंबर को बाघ सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत जंगल से सटे गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कई रेंजों में वन विभाग की ओर से रेलियां निकाली गईं। बांकेगंज में फ्लैग मार्च हुआ। लोगों को बताया गया कि बाघों की सुरक्षा क्यों जरूरी है। इनके संरक्षण से न केवल बाघ बचता है बल्कि पूरा पर्यावरण सुरक्षित होता है।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज के वनकर्मियों ने बाघ सुरक्षा माह के पहले दिन जंगल से सटे गांवों में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान वन कर्मियों ने ग्रामीणों को बाघों की सुरक्षा के उपाय बताए गए और जागरूक किया गया। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज अंतर्गत फारेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद कुमार वर्मा के निर्देशन में वन कर्मियों ने जंगल से सटे करीब आठ गांवों में फ्लैग मार्च निकाला।
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फारेस्टर मोहम्मद उमर ने बताया कि जंगल से सटे गांव के लोग बाघ को अपना दुश्मन नहीं बल्कि दोस्त समझें। बाघ कभी किसी पर अकारण हमला नहीं करते। यह भी कहा कि ग्रामीण मवेशियों को चराने, कटरुआ, धरती के फूल, लकड़ी, घास-फूस आदि लेने जंगल के अंदर न जाएं। जंगल जाने से वहां बाघ के हमले का डर बना रहता है, साथ ही बाघों के प्राकृतिक आवास में खलल पड़ता है। इस मौके पर ग्रंट नंबर दस प्रधान वीरेंद्र कुमार भार्गव, ढ़ाका रामकिशुन, महुरेना गजराम सिंह सहित ग्रामीण और वन कर्मी मौजूद रहे।
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ममरी। बाघ सुरक्षा माह के अंतर्गत वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर कोठी कैंपस में डीएफओ समीर कुमार ने बताया कि बाघ अत्यंत शर्मीला वन्यजीव होता है, जो मानव से सदैव बचने की कोशिश करता है। बाघ भोजन की तलाश में अक्सर पशुओं पर हमला करता है। मानव पर हमला तभी करता है जब वह खुद को असुरक्षित महसूस करता है। एसडीओ रविशंकर शुक्ला ने बताया कि जंगल से सटे खेतों में काम करने के लिए समूह बनाकर जाएं। इस दौरान हुई गोष्ठी को राजीव कुमार, फारेस्टर रामप्रसाद ने भी संबोधित किया। इस मौके पर प्रधान महेंद्र वर्मा, पूर्व प्रधान श्यामबिहारी, परमेश्वरदीन, प्रधान तेजराम, प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।
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