स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए दिल्ली से आई दो सदस्यीय टीम ने तीन दिन शहर में रुककर पालिका के कार्यों का बारीकी से मुआयना कर दस्तावेजों की जांच की। साथ ही पालिका द्वारा कूड़ा उठान और उसके निस्तारण आदि के बारे में कर्मियों से जानकारी हासिल की। टीम ने शहर में भ्रमण कर लोगों से स्वच्छता के बारे में सवाल जवाब कर उनकी ऑनलाइन अपडेट दिल्ली भेजी।
सर्वेक्षण के लिए चार जनवरी को जिले पर आई टीम ने पहले दिन पालिका के कर्मचारियों की संख्या, उनकी उपस्थिति पंजिका, शहर में स्वच्छता के लिए किए गए प्रयासों, पब्लिक टॉयलेट की सफाई व्यवस्था, शहर में कितने फेरों में झाडू लग रही है, कूड़ा उठान और डलाव घर आदि स्थानों की बिंदुवार गहनता से पड़ताल की। उन्होंने शहर में बने टॉयलेट सहित अन्य बिंदुओं का गूगल मैप से मिलान किया और मोहल्लों में जाकर पालिका द्वारा स्वच्छता संबंधी कराए प्रयासों के बारे में लोगों से फीडबैक भी लिया। टीम के लोग सर्वेेक्षण संबंधी सभी बिंदुवार समीक्षा की अपडेट ऑनलाइन भी करते रहे। इस दौरान पालिका ईओ अखिलेेश त्रिपाठी, डीपीएम विक्रांत वर्मा, एसआई जितेंद्र सिंह, हरवंश दीक्षित आदि लोग मौजूद रहे।