आवासों में घोटाले का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ गई है। डीपीआरओ के निरीक्षण में दर्जनों शौचालय मानक के अनुरूप बने नहीं पाए गए हैं। करीब 1.53 लाख रुपये का गबन पाया गया है। डीएम आकाश दीप ने ग्राम प्रधान किरन देवी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित करने की चेतावनी दी है, जबकि डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने तत्कालीन सेक्रेटरी जमालुद्दीन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र जारी कर दिया है।
लखीमपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत केशवपुर गुरेला में वित्तीय वर्ष 2016-17 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 50 शौचालय निर्माण के लिए छह लाख की धनराशि ग्राम निधि खाते में दी गई थी। इस समय ग्राम निधि खाते में मात्र सात हजार रुपये उपलब्ध हैं। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने गांव में बनाए गए शौचालयों का स्थलीय निरीक्षण किया, तो कलई खुलकर सामने आ गई। डीपीआरओ के मुताबिक भूरे लाल, डोरेलाल, कनौजी के निर्मित शौचालय के गड्ढे, पानी की टंकी, दरवाजा एवं चैंबर नहीं बना मिला। इससे तीनों शौचालय निष्प्रयोज्य है। इसी तरह इदरीश खां, रामनरेश समेत नौ लाभार्थियों के शौचालयों में पानी की टंकी का निर्माण नहीं कराया गया है, जबकि 19 शौचालयों में दो के बजाय एक ही गड्ढा बना पाया गया।
चार अपात्रों को शौचालय बनाने की धनराशि दी गई। दरवाजों की रंगाई नहीं कराई गई है और न ही जीओ टैगिंग कराई गई। डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीएम आकाश दीप ने शासकीय धनराशि में से 1,53,800 रुपये और पद के दुरुपयोग के आरोप में ग्राम प्रधान किरन देवी को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)(छ) तहत नोटिस दिया है, जिसमें संतोषजनक जवाब न मिलने पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित करने के साथ ही पदच्युत करने की चेतावनी दी है। वहीं डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने केशवपुर गुरेला के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी जमालुद्दीन को दोषी मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र जारी किया है, जिसमें आरोपों का साक्ष्य सहित जवाब एक सप्ताह के अंदर मांगा है।