फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुखार से पीड़ित गर्भवती और उसके अजन्मे बच्चे की मौत

विज्ञापन
मौत - फोटो : file
विज्ञापन
मझगईं।
विज्ञापन

कस्बा के छब्बापुरवा गांव में तेज बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। चार दिनों से बुखार से पीड़ित एक गर्भवती महिला व उसके अजन्मे बच्चे की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई है। बुखार से हो रही मौतों से ग्रामीण खासे परेशान हैं तथा गांव में डायरिया फैलने की बात कह रहे हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया फैलने की बात से इंकार किया है।
कस्बे के छब्बापुरवा गांव में इन दिनों तेज बुखार का सिलसिला लगातार जारी है। अभी हाल ही में एक महिला की जहां बुखार से मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ गांव के मौलाना शादाब की 20 वर्षीय पत्नी मरियम को भी तेज बुखार आ गया। घरवालों के मुताबिक बीती 14 सितंबर को उसको बुखार आने के साथ ही खांसी आनी शुरू हो गई। आठ माह की गर्भवती होने के कारण उसे महिला डॉक्टर के यहां दिखाया गया। महिला डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में रविवार को मरियम तथा उसके पेट में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। महिला और अजन्मे बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। महिला की अभी दो साल पहले ही शादी हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दवा का छिड़काव नहीं किया जाता है, जिससे बीमारियां बढ़ रही हैं। साथ ही पीएचसी में डॉक्टर न होने से भी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र पाल का कहना है कि गांव में तीन दिन से टीम को भेजकर लगातार दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, डायरिया जैसा कोई प्रकोप गांव में नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पलिया से एक डॉक्टर और मझगईं पीएचसी के फार्मेसिस्ट लगातार गांव में कैंप लगाकर दवाओं का वितरण कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें