लखीमपुर खीरी। विश्व रक्तदाता दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन ने जिला अस्पताल के सहयोग से ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर लगाया। शिविर का उद्घाटन सीएमएस डॉ. मनोज कुमार ने किया। अखबार से शिविर की जानकारी मिलने पर पहुंचीं अनुजा चौहान ने सबसे पहले रक्तदान किया। शिविर में 19 लोगों ने रक्तदान किया। महादानियों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सीएमएस डॉ. मनोज कुमार ने प्रमाण पत्र दिए।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लगाए गए रक्तदान शिविर को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। लोगों ने सुबह अखबार में रक्तदान शिविर लगने की खबर पढ़कर रक्तदान करने का निर्णय किया और ब्लड बैंक पहुंच गए। शिविर के उद्घाटन के समय सीएमएस के साथ शहीद भगत सिंह नि:स्वार्थ सेवा समिति के जसपाल सिंह पॉली, डॉ. रामनाथ और डॉ. केपी सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने पंजीकरण और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर रक्तदान शुरू कराया। शिविर में एसपी ऑफिस में तैनात सिपाहियों ने भी रक्तदान किया। चार बजे तक यहां 19 लोगों ने रक्तदान किया। हालांकि रक्तदान की तमन्ना लेकर काफी संख्या में लोग आए, लेकिन हीमोग्लोबिन की कमी अथवा अन्य समस्याओं के चलते उन्हें बिना रक्तदान किए ही लौटना पड़ा।
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इन्होंने भी किया रक्तदान
शहर के अलावा यहां ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी रक्तदान किया। इनमें अनुजा चौहान, सरोज वर्मा, विकास कुमार, संजय वर्मा, विवेक उपाध्याय, जय सिंह गंगवार, विजय कुमार मिश्रा, अमित, जय पाल सिंह, मोहम्मद इब्राहिम, परिमल सरकार, नित्यानंद राय, एके शाक्य, सत्येंद्र सिंह, सुशांत सिंह और आनंद शुक्ला आदि शामिल रहे।
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ब्लड बैंक की टीम ने किया सहयोग
अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम में स्वास्थ्य विभाग और ब्लड बैंक के लोगों ने विशेष सहयोग दिया। इसमें ब्लड बैंक के डॉ.केपी सिंह, डॉ. रामनाथ, लैब टेक्नीशियन इंद्रजीत सिंह, सुशांत सिंह, काउंसलर रति वर्मा, रवी प्रकाश, राहुल, रामजी माथुर, सुनीता देवी ने बढ़चढ़कर सहयोग किया।
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महादानी बोले, अमर उजाला का प्रयास सराहनीय
एसपी कार्यालय में तैनात विवेक उपाध्याय और जय सिंह गंगवार ने रक्तदान करने के बाद कहा कि अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है। इससे पहले भी शिविर में रक्तदान कर चुके हैं। रक्तदान करने के बाद उन्हें आत्मिक सुख मिलता है। इसी तरह शहर के मोहल्ला सुंदरपुरम पंजाबी कॉलोनी निवासी अनुजा चौहान का कहना है कि वह तीन पर रक्तदान कर चुकी हैं। अमर उजाला के शिविर में रक्तदान करने के बाद उन्हें आत्मिक सुख मिला है।