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जिले भर में फैला है कच्ची का कारोबार

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जंगल हो या गांव हर तरफ कच्ची का कारोबार
लखीमपुर खीरी। जिले भर में कच्ची शराब का कारोबार फैला है। आबादी तो छोड़िए दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज के आसपास बसे गांव के ग्रामीणों ने जंगल को भी अवैध शराब निकालने का अड्डा बना रखा है। जंगल के अंदर शराब बनाने के कारोबार में पीलीभीत जिले तक के कारोबारी शामिल हैं। हाल ही भीरा रेंज जंगल की किशनपुर बीट में भट्ठी बनाकर अवैध शराब निकाल रहे चार में से एक आरोपी वन कर्मियों की टीम के हत्थे चढ़ गया। इसमें 17 नाम सामने आए हैं।
बांकेगंज। एक सप्ताह पहले बफरजोन भीरा रेंज के वन कर्मियों ने गश्त के दौरान किशनपर बीट के कंपार्टमेंट एक में कुछ लोगो को कच्ची शराब बनाते दिखाई दिए। वन कर्मियों के पहुंचने से पहले शराब निकाल रहे चार लोगो में तीन फरार हो गए। वन कर्मियों की टीम ने किशनपुर ग्रंट निवासी देवेंद्र नामक एक आरोपी को दौड़ाकर धर दबोचा। वन कर्मियों ने जंगल के अंदर छिपाकर कर रखी गई तीन हजार लीटर लहन और शराब बनाने के उपकरण नष्ट कर दिए। पूछताछ में पता चला कि जंगल में कच्ची शराब में पीलीभीत तक के लोग भी शामिल है। उसने पीलीभीत जिले के सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के नजीरगंज गांव निवासी गजनफर का नाम भी बताया। वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस काट दिया। दो माह पहले निघासन रेंज के दीपनगर वन ब्लॉक में भी कच्ची शराब का जखीरा और उपकरण पकड़े गए थे। मैलानी। थाना क्षेत्र के भातू कॉलोनी में कच्ची शराब का धंधा कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है, तो क्षेत्र के अन्य कई गांवों में भी कच्ची शराब की भट्ठियां धधकती रहती हैं। पुलिस और आबकारी विभाग जब-तब अभियान चलाते हैं, लेकिन इस पर पूरी तरह अंकुश लगा पाने में प्रशासन नाकाम साबित होता है। इसके अलावा क्षेत्र के छेदीपुर, कंधईपुर, सुरजनपुर आदि गांवों में भी कच्ची शराब बनती है।
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अमीरनगर। गांव मगदापुर, सरैंयाविलियम, हरीनगर, गंगापुर, तिलकपुर, साहबगंज ग्रन्ट सहित कई स्थानों पर कच्ची शराब का धंधा काफी समय से चल रहा है। जबकि स्थानीय पुलिस कच्ची शराब को बंद कराने के लिए अभियान चला चुकी है, लेकिन कुछ समय के लिए यह धंधा बंद हो जाता है और फिर शुरू हो जाता है खासकर युवा वर्ग इसका शिकार हो रहे हैं।
महंगापुर। गांव त्रिकोलिया, पढुआ, लालपुर, बरेली फार्म, बाजपुर, परसपुर आदि गांवों में धड़ल्ले से कच्ची शराब बनाकर उसकी बिक्री की जाती है। जिसकी ओर आबकारी के साथ ही पुलिस विभाग का भी ध्यान नहीं जा रहा है।
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खमरिया। ईसानगर थाना क्षेत्र के परेवा, दिलावरपुर के मजरा आंधी पुरवा, हरदासपुर, राजापुर बाजार, गैसापुर, ऐरा, भिठौली, जेठरा सहित दर्जनों गांव में कच्ची शराब की भट्टी खुलेआम धधकती हैं।
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