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श्रीनगर गांव को बचाने के लिए बनाया बंधा नदी ने काटा
प्रशासनिक अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
पलियाकलां। शारदा नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर के बाद अब एक नई समस्या सामने आने लगी है। श्रीनगर गांव को बचाने के लिए बनाया गया बंधा भी नदी काट रही है। जिससे कभी भी श्रीनगर गांव की तरफ शारदा नदी अपना रुख कर सकती है। बंधे को बचाने के लिए अभी भी प्रशासन कोई तरीके से काम नहीं कर रहा है। जिससे ग्रामीणों में भी रोष है। बता दें कि कई दिन से शारदा नदी का जलस्तर लगातार घट व बढ़ रहा है। नदी का बढ़ता घटता जलस्तर बाढ़ से तो राहत दे रहा है, लेकिन नदी ने कटान तेज कर दिया है। उधर, श्रीनगर गांव को बचाने के लिए बनाया गया बंधा भी नदी ने काटना शुरू कर दिया है। बंधे पर काफी गहरे गड्ढ़े हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बारिश से भी बंधे को काफी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने सहयोग से पिलर में पेड़ काटकर लगाए हैं जिससे कुछ हद तो उनको राहत मिल गई है लेकिन प्रशासन से कोई मदद न मिलने के कारण बंधे की स्थिति जस की तस बनी हुई है। बंधे की तरफ से ग्रामीणों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही उनके चेहरों पर शिकन भी बढ़ गई है। नदी ने भी भीरा सहित श्रीनगर गांव में कटान तेज कर दिया है।
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नदी का जलस्तर कम होने पर नयापुरवा में कटान हुआ कम
मझगईं। गुरूवार को पानी काफी कम हो जाने से शारदा का कहर भी कुछ कम हुआ है। जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। मगर लोगों का कहना है कि धीमा कटान अभी भी हो रहा है। प्रशासन की उपेक्षा से लोगों में नाराजगी भी है।
लगभग एक माह से अधिक कटान की समस्या से जूझ रहे नयापुरवा के ग्रामीणों के लिए गुरुवार का दिन खुशी लेकर आया। शारदा का पानी काफी कम होने से कटान पूरी तरह तो नहीं, लेकिन काफी हद तक कम हो गया है। गांव के लोगों ने बताया कि नदी का पानी कम हो जाने से जहां तेज कटान की समस्या से गांव के लोग जूझ रहे थे। वहीं अब काफी धीमी गति से कटान होने से लोगों को राहत मिली है। प्रशासन की अनदेखी से पीड़ितों में रोष व्याप्त है।
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मिट गया बैजनाथपुरवा गांव का वजूद
ग्रंट नंबर 12 गांव में शारदा नदी मचा रही तबाही
गांव छोड़ने को मजबूर हुए लोग
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज। फूलबेहड़ में शारदा नदी का रौद्र रूप जारी है। ग्रंट नंबर 12 के मजरा बैजनाथपुरवा का नामोनिशान मिट चुका है। यहां लखीचंद की मात्र पक्की कोठरी शेष है। ग्रामीण अपना घर गृहस्थी का सामान समेट कर नए ठिकाने की तलाश में चले गए हैं। प्रशासन की बेरुखी इतनी कि यहां बचाव राहत के नाम पर कोई मदद नहीं पहुंचाई गई। इन्हें नाव तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। ग्रंट नंबर 12 ग्रामसभा तहसील निघासन से जुड़ी है। जबकि थाना क्षेत्र फूलबेहड़ है।
ग्राम प्रधान छैल बिहारी ने बताया कि कभी बैजनाथपुरवा में तीन सौ की आबादी थी। पिछले वर्ष कटान करती हुई नदी आधे घरों को लील गई थी। इस बार रामअवतार, उजारन, महेश, सुरेश, चन्दीप, रामकिशुन, रामाधार, रमेश समेत दर्जनों लोगों के घर नदी में समा गए। सप्ताह भर पहले गिनती के कुछ घर बचे थे वह भी कट की चपेट में आ चुके हैं। आठ मजरों वाली इस ग्राम सभा में महादेव, हरहीपुरवा, पारसपुरवा मजरे कुछ वर्ष पहले ही नदी में समा चुके हैं। कटान रोकने के उपाय न किए गए तो मंझरी गांव भी गिरफ्त में आ जाएगा। ग्रामीणों की माने तो बैजनाथपुरवा कटान स्थल से नदी की दूरी मात्र एक किलोमीटर बची है। कटान जिस तेजी से हो रहा है उससे मंझरी वालों में भी बेचैनी बढ़ रही है।
12 बाढ़ राहत चौकी और पांच राहत केंद्र बनाए
बाढ़ को लेकर प्रशासन है सतर्क
पलियाकलां। तहसील क्षेत्र में 12 बाढ़ राहत चौकियों के साथ ही पांच बाढ़ राहत केन्द्र बनाए गए हैं। जिसमें अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है तथा लगातार कार्य कर रहा है।
पलिया तहसील क्षेत्र में कुल 12 बाढ़ राहत चौकियों और पांच बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें पब्लिक इंटर कॉलेज संपूर्णानगर, पंचायत भवन खजुरिया, गुरूतेगबहादुर स्कूल महंगापुर, बमनगर चैराहा, प्राथमिक विद्यालय मरौचा, प्राथमिक विद्यालय पटिहन, बलदेव वैदिक कॉलेज पलिया, जिला पंचायत इंटर कॉलेज भीरा, प्राथमिक विद्यालय मरूआ पश्चिम, नौगवां में अबरार की दुकान, परियोजना कार्यालय चंदनचौकी और प्राथमिक विद्यालय छेदियापूरब शामिल है। तहसीलदार अनिल कुमार यादव ने बताया कि संपूर्णानगर में बाढ़ राहत केंद्र पर एडीओ कृषि चरण सिंह, तहसील मुख्यालय पर पीडब्लूडी जेई राजेश वर्मा, त्रिलोकपुर में राजस्व निरीक्षक कौशल किशोर, चंदनचैकी में कानूनगो नोखेलाल एवं भीरा में लेखपाल मनोज शुक्ला को तैनात किया गया है।
एसडीएम ने जायजा लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का
निघासन। लगातार बारिश के चलते बाढ़ प्रभावित होने वाले गांवों का एसडीएम और नायब तहसीलदार ने जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को बाढ़ की हालत में हर संभव मदद करने को कहा।
तहसील क्षेत्र में शारदा नदी की बाढ़ से अदलाबाद, ग्रंट नंबर बारह, बल्लीपुर, मुर्गहा और बैलहा तथा मोहाना व कर्णाली नदियों की बाढ़ से बरसोला कलां, जसनगर, रामनगर संकल्पा, रननगर, खैरटिया, सूरतनगर और महाराजनगर आदि गांव प्रभावित होते हैं। एसडीएम केशवनाथ ने नायब तहसीलदार ज्ञानप्रताप सिंह के साथ शारदा नदी के पानी से प्रभावित होने वाले अदलाबाद और मूड़ा बुजुर्ग गांव के मजरों कामतानगर, बबुरी व तारानगर आदि का जायजा लिया। अदलाबाद प्रधान छोटेलाल यादव और मूड़ा बुजुर्ग के रमेश लोधी के साथ उन्होंने नदी का हाल देखा। उन्होंने इस दौरान प्रधानों को बाढ़ की स्थिति में तत्काल सूचना देने और प्रशासन की मदद हासिल करने के लिए फौरी काम करने वाली हिदायतें दीं। उन्होंने तमाम ग्रामीणों से भी बात की। एसडीएम ने किसी सूचना या मदद के लिए लोगों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया। उन्होंने बाढ़ में फंसे लोगों को मदद देने और निकालने आदि के बारे में तमाम जानकारियां दीं। तहसील पहुंचकर एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक को बुलाकर बाढ़ प्रभावित होने वाले गांवों में समय से राशन व मिट्टी का तेल वितरण कराने की हिदायत दी। इसके साथ सीएचसी प्रभारी को भी बुलाकर बाढ़ के दौरान लोगों को डॉक्टरी इमदाद पहुंचाने व दवा आदि बांटने के लिए कहा।