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दुधवा टाइगर रिजर्व में होगी लांग रूट पेट्रोलिंग

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दुधवा टाइगर रिजर्व में होगी लांग रूट पेट्रोलिंग
ग्लोबल टाइगर डे पर पैदल गश्त के लिए रूट चार्ट तैयार
28 की रात शुरू होकर 29 जुलाई तक होगी पैदल गश्त

अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व में एक दिवसीय लांग रूट पेट्रोलिंग होने जा रही है। यह एलआरपी पेट्रोलिंग 28 जुलाई की आधी रात से शुरू होकर 29 जुलाई की दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसके लिए 30-35 टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में वनकर्मियों के अलावा वाचर, वालंटियर्स, नेचर गाइड और स्थानीय लोग भी शामिल होंगे। सभी टीमें एक दिन में 15 से 20 किलोमीटर तक पैदल गश्त करेंगी। लांग रूट पेट्रोलिंग में दुधवा टाइगर रिजर्व में शामिल दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी, कतर्निया घाट, और बफर जोन को शामिल किया गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि ग्लोबल टाइगर डे को दुधवा टाइगर रिजर्व वन एवं वन्यजीव सुरक्षा दिवस के रूप में मना रहा है। इसी के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व में एक दिवसीय लांग रूट पेट्रोलिंग का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत पैदल गश्त के लिए रूट चार्ट तैयार किया जा चुका है। अब तक तीस टीमें गठित की जा चुकी हैं। पांच और टीमें गठित की जा रही हैं। इन टीमों में वनकर्मी, वाचर, एसटीपीएफ के जवान, वालंटियर, नेचर गाइड और स्थानीय लोगों को शामिल किया गया है।
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गश्त के दौरान ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ड्रोन कैमरों के संचालन और गश्त में फारेस्ट गार्डों और वनकर्मियों को क्या दिक्कतें आ रही हैं, इसके अनुभव भी साझा किए जाएंगे। भविष्य में इन दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
लांग रूट पेट्रोलिंग में अपर प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक डॉ. एसपी यादव भी आ रहे हैं। पेट्रोलिंग में दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी रमेश पांडेय, दुधवा नेशनल पार्क के डीडी महावीर कौजलगि, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल, सभी एसडीओ और सभी रेंजर शामिल रहेंगे। लांग रूट पेट्रोलिंग के तहत कम से कम 500 किलोमीटर की पैदल गश्त होगी।

स्मार्ट पेट्रोलिंग की प्रशिक्षण कार्यशाला आज से
स्मार्ट पेट्रोलिंग में जीपीएस सिस्टम और एम-स्ट्राइप्स सॉफ्टवेयर में आ रही दिक्कतों को दूर करने केे लिए दुधवा नेशनल पार्क में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला भी 28 जुलाई को शुरू हो रही है। यह कार्यशाला 29 जुलाई तक चलेगी। इसमें भारतीय वन्यजीव संस्थान की टीम पेट्रोलिंग टीमों को तकनीकी जानकारी प्रदान करेंगी और आने वाली समस्याओं का निदान करेगी। प्रशिक्षण में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
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फोटो- 27एलकेएच502
अब दुधवा के हाथियों की सेहत परखेगा आईवीआरआई
कर्नाटक से आए हाथियों के रक्त, मल-मूत्र के नमूनों की होगी जांच

अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में तीन दिन चले एलीफैंट हेल्थ एंड हैपीनेस कैंप के दौरान हुई मेडिकल जांच में सभी हाथी पूरी तरह स्वस्थ्य पाए गए हैं। इन हाथियों के मल-मूत्र और रक्त के नमूने जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए थे, लेकिन देर से पहुंचने के कारण वे नमूने बेकार हो गए थे। अब इनके नमूने दोबारा भेजे गए हैं, जो आईवीआरआई ने स्वीकार कर लिए हैं।
कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से आए दस हाथियों और दुधवा नेशनल पार्क-कर्तनिया घाट के 14 हाथियों के एलीफैंट हैल्थ एंड हैपीनेस कैंप में हाथियों के स्वास्थ्य की विशेषज्ञ डॉक्टरों ने गहन जांच की थी। इस जांच के दौरान सामान्य तौर पर सभी हाथी सेहतमंद पाए गए। अन्य बीमारियों का पता लगाने के लिए हाथियों की लीद, रक्त और मूत्र के नमूने आईवीआरआई भेजे गए। इन नमूनों के आईवीआरआई देरी से पहुंचने के कारण वहां के चिकित्सकों ने रिजेक्ट कर दिए थे और पार्क अधिकारियों से यह नमूने निर्धारित समय के अंदर पहुंचाने को कहा था। इसके चलते पार्क के पशु चिकित्सकों ने इन हाथियों के रक्त,मल-मूत्र के दुबारा नमूने लिए और उन्हें आवीआरआई भेज दिया है। अब आईवीआरआई इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कर हाथियों की सेहत परखेगा।
प्रयोगशाला में नमूनों की जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि सामान्य तौर से स्वस्थ दिखने वाले इन हाथियों में कोई बीमारी तो छिपी नहीं है। यदि ऐसा पाया गया तो विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाकर इनका इलाज कराया जाएगा।
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तीन दिन तक चले एलीफैंट हेल्थ एंड हैपीनेस कैंप में जांच के दौरान कर्नाटक से आए हाथी सामान्य तौर पर पूरी तरह स्वस्थ पाए गए हैं। इन हाथियों के मल-मूत्र और रक्त के नमूने जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए हैं। इनकी जांच के परिणाम आने के बाद ही हाथियों की सेहत का सही अंदाजा लग सकेगा। -महावीर कौजलगि, उप-निदेशक, दुधवा नेशनल पार्क

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