गुरुवार सुबह महेशपुर गांव की आबादी और रेंज कोठी के दक्षिण खेतों में बाघ के ताजे पगचिह्न मिलने से रोड के किनारे घर बनाकर रह रहे लोगों में दहशत फैल गई। इस स्थान से जंगल की दूरी महज एक किलोमीटर है। पग चिह्न मिलने की पुष्टि वन कर्मियों ने भी की है।
महेशपुर गांव की आबादी से सटी रेंजर कोठी है। इसी कोठी से कुछ दूरी पर एक संस्थागत विद्यालय है, जिसके दक्षिण में कई लोग रोड के दोनों ओर घर बनाकर रहते हैं। इसी स्थान से एक किलोमीटर की दूरी पर बाघ ने पिछले वर्ष 21 अक्तूबर को अशर्फीगंज के युवक लालाराम वर्मा को हमला कर मार डाला था। गुरुवार की सुबह रेंज कोठी के दक्षिण खेतों में बाघ के ताजे पगचिह्न मिलने से वहां के ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। स्कूल के प्रबंधक राम भजन, मार्केट के दुकानदारों, गांव वालों का कहना है कि आबादी से सटे खेतों में विचरण कर रहा बाघ किसी भी व्यक्ति अथवा पशु पर कभी भी हमला कर सकता है। वनरक्षक श्याम किशोर शुक्ल आदि वन कर्मियों ने बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मिले पगचिह्न के आधार पर बाघ रोड पार कर दक्षिण दिशा की ओर जंगल में चला गया है, क्योंकि वहां से जंगल की दूरी महज एक किलोमीटर है। वन कर्मियों का अनुमान है कि बाघ गन्ने का एरिया अधिक होने की वजह से जंगल का रास्ता भटक कर वहां आ पहुंचा होगा, उन्होंने लोगों को खेतों में समूह बनाकर जाने की सलाह दी है।