सीएचसी पर बच्चों को बांटने के लिए आई आयरन की गोलियां और एक्सपायर्ड इंजेक्शन स्वास्थ्य केंद्र के शौचालय के टैंक में मिली। रविवार को इसका वीडियो मीडिया में वायरल होने से हड़कंप मच गया। प्रकरण की जांच के लिए प्रभारी सीएमओ स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने फार्मेसिस्ट को सीएमओ कार्यालय से अटैच करते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। शुरुआती जांच में सीएचसी अधीक्षक की भी लापरवाही सामने आई है।
रविवार की सुबह सीएचसी के शौचालय टैंक में भारी संख्या में आयरन की गोलियां और इंजेक्शन दिखाई दिए। इसकी सूचना मिलते ही प्रभारी सीएमओ एवं एडिशनल एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह स्वयं मौके पर पहुंच गए। गंदगी के कारण टैंक से 35 मेट्रोजिल इंजेक्शन, 2 पेंटाप्राजोल इंजेक्शन सहित सीमित संख्या में ही आयरन की गोलियां निकलवाई जा सकीं। प्रभारी सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए फार्मेसिस्ट रामप्रवेश राय को फटकार लगाई और सीएमओ कार्यालय से अटैच कर दिया। दवाओं का टैंक में मिलना लोगों में खासा चर्चित रहा।
स्टॉक रजिस्टर भी नहीं मिला दुरुस्त
प्रभारी सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह को शुरुआती जांच में न तो स्टॉक रजिस्टर में पेंटाप्राजोल इंजेक्शन के बाउचर मिले और न ही यह किसे लगाए गए इसकी एंट्री मिली। मेट्रोजिल इंजेक्शन कब निकाले गए और किसे लगाए गए, इसका भी कोई लेखा जोखा नहीं मिला। दोनों इंजेक्शन मई 2018 में एक्सपायर्ड हो चुके हैं। आयरन की गोलियों के वितरण संबंधी कोई जानकारी नहीं मिली। प्रभारी सीएमओ ने स्टाक रूम और दवा वितरण कक्ष में ताला डालकर चाभी सीएचसी प्रभारी अरुण मिश्रा को दे दी।
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
प्रभारी सीएमओ एवं एडिशनल सीएमओ डॉ.बलबीर सिंह का कहना है कि सीएमओ साहब अवकाश पर हैं। उनसे वार्ता हुई है। उन्होंने जांच के लिए मुझे, डॉ. एके चौधरी और चीफ फार्मेसिस्ट अखिलेश गुप्ता को शामिल किया है।
दवाओं को शौचालय के टैंक में मिलना गंभीर मामला है। फार्मेसिस्ट रामप्रवेश को सीएमओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। इस मामले में सीएचसी प्रभारी की भी लापरवाही प्रतीत हो रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. बलवीर सिंह, प्रभारी सीएमओ