योगी जी...किसानों को नहीं मिला 14 दिन में गन्ना भुगतान
-तीन महीने से नहीं हुआ गन्ना भुगतान, किसान परेशान
-प्रदेश सरकार ने 14 दिन में गन्ना भुगतान का किया था दावा
अमर उजाला ब्यूरो
बेलरायां।
प्रदेश सरकार ने दावा किया था कि किसानों को चौदह दिन के भीतर गन्ना भुगतान मिल जाएगा। प्रदेश सरकार का यह दावा हवा हवाई साबित हो रहा है, क्योंकि क्षेत्र तीन माह से किसानों को गन्ना भुगतान नहीं मिला है।
बेलरायां क्षेत्र के अधिकतर किसान गन्ना फसल पर निर्भर है। बेलरायां चीनी मिल का पेराई सत्र बंद हुए एक सप्ताह से ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन चीनी मिल क्षेत्र के किसानों को तीन महीने से गन्ना भुगतान नहीं कर रही। किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई की फीस से लेकर, गन्ने की गुड़ाई, उर्र्वरक और धान की फसल लगाने तक के पैसे नहीं हैं। किसान सूदखोरों से ऊंचे ब्याज दरों पर पैसा लेकर किसी तरह से काम चला रहे हैं। धान की रोपाई का वक्त आ गया है, इससे किसानों की चिंता और गढ़ गई है। प्रदेश सरकार ने 14 दिनों में गन्ना भुगतान कराने का वादा किया था जो हवा हवाई साबित हो रहा है। बेलरायां कसबा निवासी रजनीश राजपूत, समर प्रताप सिंह, नावेद हुसैन, विजय वर्मा का कहना है कि पेराई सत्र बंद हुए एक सप्ताह से ज्यादा वक्त हो गया, लेकिन बेलरायां चीनी मिल अभी तक मात्र 10 फरवरी तक का ही भुगतान किया है। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बताए कि उन्होंने गन्ना आपूर्ति करने के 14 दिन में भुगतान कराने का वादा किया था, आखिर यह वादा कहां गया? क्षेत्र का अधिकतर किसान गन्ने की नकदी फसल पर निर्भर है। पैसा न होने से किसान महिलाओं के जेवर गिरवीं रख रहा है। सूदखोरों से मनमाने ब्याज पर कर्ज लेकर धान व गन्ने की गुड़ाई सिंचाई व उर्वरक की पूर्ति कर रहा है। किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा है, जिसमें जल्द गन्ना भुगतान कराने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि चीनी मिल के अधिकारी भी गन्ना भुगतान के सम्बंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। चीनी मिल उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर गन्ना भुगतान संबंधी बातचीत चल रही है। जल्द ही भुगतान होगा।