गन्ना विकास समिति ऐरा परिसर में आयोजित साधारण सभा में मिल के प्रति किसानों का आक्रोश उभर कर सामने आया। किसानों ने मिल प्रतिनिधियों को गन्ना भुगतान और सट्टा संचालन में हो रही अनियमितताओं पर खरी खोटी सुनाई। पूर्वमंत्री यशपाल चौधरी ने आक्रोशित किसानों को समझाया और मिल प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द गन्ना भुगतान करने, किसानों को नियमित पर्चियां देने एवं खड़े गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। समिति के सचिव टीएन यादव ने समिति के करीब छह करोड़ के आय व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया।
गन्ना विकास समिति ऐरा परिसर में बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी चौधरी की अध्यक्षता में डेलीगेट, डायरेक्टर, मिल प्रबंधन एवं गन्ना किसानों के बीच वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) का आयोजन किया गया। साधारण सभा में गन्ना भुगतान और पर्चियां न मिलने से आक्रोशित किसान भड़क गए। आक्रोशित गन्ना किसानों ने मिल के चीफ फाइनेंस मैनेजर डीके राय एवं अधिशासी उपाध्यक्ष गन्ना बीके सिंह को खरी खोटी सुनाई। आक्रोशित किसानों ने मिल प्रतिनिधियों की एक न सुनी और न ही उन्हें सभा को संबोधित भी नहीं करने दिया गया। किसानों का आक्रोश देखकर पुलिस बल को बुलाना पड़ा।
मुख्य अतिथि पूर्वमंत्री यशपाल चौधरी ने आक्रोशित किसानों को समझाकर शांत कराया। चौधरी ने मिल प्रतिनिधियों को गन्ना भुगतान के अभाव में किसानों के दर्द को समझाने का प्रयास किया। साथ ही मिल की जटिलताओं के बारे में भी किसानों को बताया। अध्यक्ष ने मिल प्रबंधन से जल्द से जल्द गन्ना भुगतान कराने, सट्टे में हो रही धांधली पर पूरी तरह अंकुश लगाकर आम किसान के खड़े गन्ने की आपूर्ति चीनी मिल बंद होने से पहले हर हाल में सुनिश्चित कराने को कहा।
इससे पहले गन्ना विकास समिति के सचिव टीएन यादव ने समिति के 2017-18 के बजट को रखते हुए समिति की गन्ना आपूर्ति कमीशन, बैंक पोस्ट ऑफिस विनियोजन, कृषकों को दिए गए ऋण से प्राप्त ब्याज, व्यवसायिक स्कंधों की बिक्री एवं आवासीय भवन किराया, उपज बढ़ोतरी आदि विभिन्न मदों से पांच करोड़ 76 लाख 45 हजार सात सौ रुपये प्रस्तावित आय के सापेक्ष 2018.19 के प्रबंधकीय व्यय के सभी मदों में पांच करोड़ 63 लाख 16 हजार पांच सौ रुपये का व्यय बजट प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कई बड़े किसानों, किसान नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।