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Lakhimpur Kheri News: 60 हजार में छोड़े 16 आरोपी

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लखीमपुर खीरी। सलेमपुर कोन में शनिवार देर शाम कोतवाली पुलिस ने दबिश देकर 16 जुआरियों को पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों के पास से करीब ढाई लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी, जबकि सूत्र बताते हैं कि पुलिस को फड़ से आठ से नौ लाख रुपये मिले थे। साथ ही देर रात सभी को छोड़ने के बदले 60 हजार की रकम भी वसूली गई।
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दिवाली पर जुआरी अपनी किस्मत आजमाते हैं। जुआ करवाचौथ से शुरू होकर दिवाली के बाद भी कई दिन तक चलता रहता है। जुआरी बंद कमरों से लेकर खुलेआम फड़ बिछाते हैं और लाखों रुपये के दांव खेलते हैं। शनिवार देर शाम कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापा मारकर कुल 16 लोगों को रंगे हाथों जुआ खेलते पकड़ा था।
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय फड़ और लोगों की जामा तलाशी के दौरान करीब ढाई लाख रुपये की बरामदगी की गई थी, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। सूत्र बताते हैं कि फड़ पर करीब आठ से नौ लाख रुपये बरामद हुए थे। पुलिस रुपयों को झोला और गमछे में रखकर अपने साथ ले गई थी, लेकिन जब एफआईआर दर्ज हुई तो एक जगह से 12,300 रुपये और दूसरी जगह से 1,26,290 रुपये बरामद होने का बात दर्ज की गई।
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पुलिस का दावा है कि फड़ और जामा तलाशी का फर्द अलग-अलग दर्ज की जाती है। उधर, पुलिस ने देर रात करीब एक बजे के बीच सभी आरोपियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। पकड़े गए आरोपियों में से एक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि फड़ पर आठ से नौ लाख रुपये थे, जो पुलिस अपने साथ ले गई। साथ ही छोड़ने के नाम पर भी पुलिस ने 60 हजार रुपये अलग से लिए थे।


शहर में कई जगहों पर पूरे साल चलता है जुआ
मोहल्ला राजगढ़, देवकली रोड, सिकटिहा और सलेमपुर कोन में जुए का कारोबार फलफूल रहा है। बता दें कि देवकली रोड और सलेमपुर कोन में पूरे साल जुए के फड़ बिछे रहते हैं। इसमें पुलिस की भी मिलीभगत रहती है। सूत्र बताते हैं कि इस काम में कोतवाली पुलिस के अलावा संंबंधित चौकी के सिपाहियों की मिलीभगत से यह जुए का धंधा चल रहा है।


फड़ और जामा तलाशी का अलग-अलग मामला होता है। इसलिए एफआईआर में कम दर्ज किया गया है, जबकि रिकवरी करीब ढाई लाख रुपये की हुई है। जितना पकड़ा गया है उतना दिखाया गया है। - अंबर सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली


इस तरह की जो भी बात कह रहा है, गलत है। दरोगा और अन्य सिपाही मौजूद रहते हैं। घटना किसी से छिपी नहीं है। बाकायदा पूरी वीडियोग्राफी हुई है, जो सूचना मिली है वह गलत है। - रमेश कुमार तिवारी, सीओ सदर
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