ईसानगर। थाना क्षेत्र के ग्राम रुद्रपुर मे घाघरा नदी में डूबी महिला और नाविक का तीसरे दिन भी कुछ पता नहीं लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। गांववालों का आरोप है कि पीएसी के जवान नदी में करीब दो घंटे तक सिर्फ खानापूरी करते रहे और चले गए। फिर कोई अधिकारी या कर्मचारी देखने तक नहीं आया है।
रविवार को घाघरा नदी के उस पार से चारा काट कर वापस आ रहे रुद्रपुर सालिम (भट्ठापुरवा) के ग्रामीणों से भरी नाव पतवार टूटने से नदी मे पलट गई थी। हादसे में करीब दस लोग किसी तरह से तैर कर बाहर आ गए थे जबकि महिला रीना और नाविक उत्तम लापता हो गया था। दोनों को ढूंढने के लिए प्रशासन की तरफ से पीएसी की फ्लड यूनिट और एनडीआरएफ के जवान लगाए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि जवान सिर्फ खानापूर्ति करते हुए स्टीमर को नदी में इधर उधर करीब दो घंटे तक घूमे। फिर वापस चले गए तब से कोई अधिकारी हाल चाल जानने तक नहीं आया। प्रशासन की लापरवाही से लोगों में धीरे धीरे रोष पनप रहा है। गांव निवासी अखिलेश, रामभजन, मोगरे, महेश, रामप्रताप, सियाराम, राहुल, सोहन, जोखे आदि अपनी निजी नाव से नदी में दोनों की तलाश कर रहे हैं। गांववालों का कहना है कि सोमवार को क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के मौके पर पहुंचते ही एसडीएम, कानूनगो, लेखपाल आदि लोग मौके पर आए थे। विधायक के जाते ही सभी अधिकारी फोटो खिंचाकर लौट गए। शासन प्रशासन की तरफ से कोई सहयोग नही मिल पा रहा है।
पीएसी, एनडीआरएफ के जवानों ने सोमवार को नदी में तलाश की थी, फिर शारदा नगर की तरफ किसी के डूबने के समाचार पर टीम उधर चली गई थी। पुन: टीम को वापस बुलाया गया है। जल्द ही दोबारा तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
अजय कुमार मिश्र प्रभारी निरीक्षक, ईसानगर
मेरी जानकारी में अभी कोई ऐसा विषय नही हैं। सोमवार को पीएसी के जवान तलाश कर रहे थे। अगर प्रशासन लापरवाही कर रहा है तो अधिकारियों से बात कर इनके खिलाफ कार्यवाही करवाई जाएगी।
बाला प्रसाद अवस्थी विधायक, धौरहरा