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पौधारिकार्ड में लगे पौधे खा गई जमीन, बिगड़ा पर्यावरण का सीन

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लखीमपुर खीरी। पर्यावरण संतुलन बनाए जाने के लिए सरकारी स्तर पर पौधरोपण के जरिये किए जा रहे प्रयासों में उदासीनता और लापरवाही आड़े आ रही है। वर्ष 2018-19 में 1302 स्थलों को चिह्नित कर 29 लाख 70 हजार 658 पौधे लगाए गए थे, लेकिन 991 स्थलों की जीओ टैगिंग वन विभाग के पोर्टल (मोबाइल एप) पर नहीं हुई है। सिर्फ 311 स्थलों की ही जीओ टैगिंग कराई गई है, जबकि पौधरोपण कार्य की प्रमाणिकता बढ़ाने के लिए सभी स्थलों की जीओ टैगिंग कराना जरूरी है। जीओ टैगिंग कराने में ग्राम पंचायतें फिसड्डी साबित हो रही हैं। जबकि इन्हीं को सबसे ज्यादा लक्ष्य मिला था। जिले में एक बार फिर वर्ष 2019-20 में 45 लाख 77 हजार 925 पौधों को रोपे जाने की तैयारी है, जिसके लिए पर्यावरण दिवस यानी बुधवार से गड्ढे खोदने का काम शुरू हो जाएगा।
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विश्व पर्यावरण दिवस की थीम वायु प्रदूषण है, जिसे दूर करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और वायु की गुणवत्ता संबंधी जागरूकता लानी जरूरी है। इसके लिए पौधरोपण ही सबसे अहम विकल्प है, जिसमें आम जनता की भागीदारी से ही सफलता मिल सकती है। पिछले कुछ वर्षों से सरकार ने पौधरोपण पर ज्यादा जोर दिया है, लेकिन अभी पौधों के संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। नतीजतन पौधरोपण के बाद देखरेख के अभाव में 50 से 60 प्रतिशत पौधे नष्ट हो जाते हैं। वर्ष 2018-19 में 28,78,834 पौधरोपण लक्ष्य के सापेक्ष 29,70,658 पौधारोपण कराने में सफलता मिली थी। इतने पौधे 1302 स्थलों पर लगाए गए, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी 991 स्थलों की जीओ टैगिंग नहीं हो पाई है। 311 स्थलों की जीओ टैगिंग कराने में माध्यमिक शिक्षा विभाग सबसे आगे रहा, जिसके लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने डीआईओएस डॉ आरके जायसवाल की सराहना की है। रेशम, स्वास्थ्य और सिंचाई विभाग ने भी जीओ टैगिंग कराई है। जबकि 1167 ग्राम पंचायतों में ज्यादातर पंचायतों की जीओ टैगिंग नहीं कराई गई। सूत्र बताते हैं कि ग्राम पंचायतों में लगाए गए काफी पौधे देखरेख के अभाव में सूखकर नष्ट हो गए हैं। तो कुछ स्थलों पर कागजों में ही पौधरोपण कर दिया गया। यही वजह है कि जीओ टैगिंग कराने में पंचायतें रुचि नहीं ले रहीं। वहीं विभागीय अधिकारियों ने नोटिस देकर मामले को रफा-दफा कर दिया।

पौधरोपण कार्य की प्रमाणिकता बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत को इकाई मानते हुए जीपीएस के माध्यम से जीओ टैगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले वर्ष 1302 स्थलों पर पौधरोपण कराया गया था, जिसमें 991 स्थलों की जीओ टैगिंग वन विभाग के एप पर नहीं कराई गई है। इसके लिए संबंधित विभाग को नोटिस देकर जवाब मांगा गया, जिसमें नेटवर्क की समस्या बताई गई है।
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समीर कुमार, डीएफओ/नोडल अफसर
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