बांकेगंज। भीषण गर्मी के बीच अंधाधुंध बिजली कटौती से बांकेगंज क्षेत्र को लोग बेहाल हैं। चुनाव खत्म होते ही बिजली कटौती में बढ़ोत्तरी हुई है। 18 के बजाय मुश्किल से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
एक तरफ भीषण गर्मी बेहाल कर रही है तो दूसरी तरफ बिजली कटौती ने पसीना छुटाना शुरू कर दिया है। रविवार को 11 बजे बिजली आपूर्ति अचानक ठप हो गई। चार घंटे बाद करीब तीन बजे आपूर्ति बहाल हो पाई। महज एक घंटे लोगों को राहत देने के बाद चार बजे फिर बिजली गुल हो गई। इसके बाद फिर पौन घंटे बाद बिजली आई। दोपहर में बिजली गायब रहने से लोगों के पसीना छूटता रहा। लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद से बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। दिन ही नहीं बल्कि शाम को भी कई-कई घंटे बिजली नहीं आती। मुख्यमंत्री और पॉवर कारपोरेशन का ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे बिजली देने का फरमान खोखला साबित हो रहा है। उमस भरी गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से परेशान व्यापारियों, ग्रामीणों और किसानों ने शहरी क्षेत्रों की तरह ग्रामीण इलाकों में भी 20 घंटे बिजली सप्लाई देने की मांग की है।
गर्मी में बिजली कटौती छुड़ा रही पसीना
गोला गोकर्णनाथ। हैदराबाद फीडर से संबद्ध कई गांवों में बिजली कटौती और लो वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान हैं। भीषण गर्मी में बिजली की किल्लत उनके लिए मुसीबत बन रही है। घरों में रखे उपकरण भी धूल फांक रहे हैं। हैदराबाद फीडर से संबद्ध ममरी, रोशननगर की बिजली लाइन पर आये दिन फाल्ट का बहाना बनाकर शट डाउन लेने से बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। घरों में लगे बिजली उपकरण शो पीस बनके रह गए है। वही सूबे की सरकार 18 से 20 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से क्षेत्र के गांव बाबागंज, जनकपुर, सेखवापुर, रोशननगर, जमुनहा, बाबरपुर, रामपुर, अम्बरपुर, कैमा, कौरेया, बोझवा, नरसिंहपुर, परेली आदि गांवों के बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से परेशनी होती है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।