एसडीएम द्वारा सीएमएस से अभद्रता किए जाने का असर जिले भर की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। दूर क्षेत्रों से जिला अस्पताल पहुंचे मरीज भी हड़ताल की जानकारी होने पर उलटे पांव लौट गए।
अमीरनगर। पीएचसी कुंभी का स्टाफ भी अभद्रता के विरोध में शुक्रवार को हड़ताल पर रहा। अस्पताल का ताला खोलकर स्टाफ के लोग बाहर बैठे रहे, इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी मरीजों को ही देखा गया।
पलियाकलां। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ सहित अन्य कर्मचारी संगठनों के बंद के ऐलान के चलते सीएचसी पलिया में भी हड़ताल हो गई। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के टी रहमान ने बताया कि सीएमएस से अभद्रता किया जाना निंदनीय है। हड़ताल के चलते मरीज भटकते रहे।
जंगबहादुरगंज। कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर पसगवां सीएचसी में भी ओपीडी बंद कर दी गई, जिससे मरीजों की भीड़ लग गई । अधीक्षक डॉ. एचएन वरुण ने बताया कि सीएमएस से अभद्रता के कारण हड़ताल हुई है। पदाधिकारियों द्वारा निर्देश मिलने के बाद ही ओपीडी शुरू होगी।
बिजुआ। कर्मचारी संगठनों के निर्देश पर सीएचसी में करीब 11 बजे से हड़ताल हो गई। इसके बाद न तो पर्चे बने और न ही मरीजों को देखा गया। वहीं हड़ताल समाप्त होने के बाद ही मरीज देखे गए।
डॉक्टरों ने एडीएम को सुनाई खरी खोटी
सीओ के अनुरोध पर भी जब डॉक्टर हड़ताल वापस लेने को तैयार नहीं हुए तो उन्हें मनाने के लिए एडीएम भी जिला अस्पताल पहुंच गए। इस पर मौजूद डॉक्टर एवं कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने एडीएम को खूब खरी खोटी सुनाई। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. आरएस मधौरिया, उपाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने कहा कि मरीज का एक्सरे कराना है या अल्ट्रासाउंड और फिर उसे क्या दवाएं देनी है यह तय करना डॉक्टर का काम है न कि अधिकारियों का। उन्होंने कहा कि फिर एसडीएम को यह भी ध्यान रखना चाहिए था कि सीएमएस काफी सीनियर हैं और उनका लेवल भी उनसे काफी ऊपर है।
सदर एसडीएम ने मरीजों को देखे जाने के दौरान मुझसे अभद्रता की थी, जिसके विरोध में डॉक्टर और कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। एसडीएम के माफी मांग लेने से हड़ताल वापस ले ली गई है।
- डॉ. अरुण कुमार गौतम सीएमएस
सीएमएस और एसडीएम के बीच समझौता करा दिया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली।
- उमेश नरायण पांडे, एडीएम