गन्ना पेराई सत्र 2017-18 में चीनी मिलों के चालू होने की प्रस्तावित तिथियां घोषित कर दी गई हैं। गन्ना सुरक्षण की बैठक में गन्ना आयुक्त के समक्ष चीनी मिलों के अध्यासियों ने अपनी मिलों में पेराई सत्र के शुभारंभ की तिथियां प्रस्तुत कर दी हैं, जिनके मुताबिक सबसे पहले डीएससीएल ग्रुप की अजबापुर मिल में दस अक्तूबर 2017 को पेराई प्रारंभ होगी, जबकि बलरामपुर ग्रुप की कुंभी और गुलरिया मिलों में 28 अक्तूबर से पेराई सत्र प्रारंभ होगा।
जनपद में नौ चीनी मिलें संचालित हैं, जिससे कैश क्राप होने से ज्यादातर किसानों का रुझान गन्ने की खेती की ओर ही है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष किसानों ने 12 फीसदी अधिक (2,88,567 हेक्टेअर क्षेत्रफल) गन्ना बोया है, जिसमें 1,29,284 हेक्टेअर पेड़ी गन्ना है। गन्ना सुरक्षण की बैठक लखनऊ में हुई, जिसमें विधायक, जिला गन्ना अधिकारी, जनपद की चीनी मिलों के अध्यासी और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। गन्ना आयुक्त संजय आर भुसरेड्डी ने मिलों में पेराई सत्र प्रारंभ करने को लेकर चर्चा की, जिसमें बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलों में छह नवंबर 2017 को पेराई सत्र का आगाज करने का प्रस्ताव संबंधित मिलों के अध्यासियों ने दिया है, जबकि ऐरा मिल में 28 अक्तूबर से पेराई प्रारंभ करने का प्रस्ताव सौंपा गया है। इसी तरह सहकारी क्षेत्र की संपूर्णानगर मिल में 12 नवंबर और बेलरायां मिल में एक नवंबर से पेराई सत्र प्रारंभ करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा पड़ोसी जनपद सीतापुर की हरगांव मिल और हरदोई की लोनी एवं हरियावां मिलों को 294 गांवों के किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं।
अब भी छह मिलों पर डेढ़ अरब से अधिक बकाया
चीनी मिलों में नवीन पेराई सत्र के शुभारंभ की तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा समेत ऐरा, बेलरायां और संपूर्णानगर मिल ने किसानों का एक अरब 57 करोड़ 35 लाख 13 हजार रुपये गन्ना मूल्य दबा रखा है। इसमें सबसे ज्यादा बजाज की तीन मिलों पर ही एक अरब दो करोड़ 11 लाख 23 हजार रुपये बकाया है। इसके अलावा छह मिलों पर गन्ना एक्ट के मुताबिक 70 करोड़ 17 लाख 70 हजार रुपये ब्याज की देनदारी बन गई है।
गन्ना सुरक्षण की बैठक में गन्ना समितियों के चेयरमैन, प्रगतिशील किसान और जनप्रतिनिधि के तौर पर विधायक शामिल हुए। चीनी मिल अध्यासियों ने तैयारी के मुताबिक पेराई सत्र प्रारंभ करने की तिथियां घोषित कर दी हैं। जल्द ही चीनी मिल वार गन्ना एरिया का आवंटन किया जाएगा।
- अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी