बच्चों को लुभा रही बाघ बचाओ की डिजिटल कॉमिक्स
बांकेगंज। बाघ सुरक्षा माह के तहत बच्चों में जागरूकता पैदा करने वाली डिजिटल कॉमिक्स स्कूली बच्चों को दिखाई जा रही है। यह डिजिटल कॉमिक्स वन विभाग के वन्यजीव प्रभाग ने तैयार की है। दो मिनट 34 सेकेंड की इस कॉमिक्स में बाघों के बीच रहते हुए भी बाघों से बचाव, तरीके और सावधानियां बताई गईं हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा और मैलानी रेंज में वन कर्मी जंगल से सटे गांव के स्कूलों छेदीपुर, महाराजनगर, ढ़ाका, हरदुआ, कुकरा, एलनगंज, पसियापुर आदि के स्कूलों में जाकर बच्चों को डिजिटल कॉमिक्स दिखा रहे हैं। यह बच्चों को अधिक प्रभावित कर रहा है। इस डिजिटल कॉमिक्स में टाइगर रिजर्व जंगल से सटे गांव का दृष्य दिखाया गया है। सुबह आठ बजे किसान गन्ना काटनेे के लिए खेतों की ओर जा रहे हैं। इसमें ग्रामीणों की बात चीत के जरिए बताया जा रहा है कि जंगल से सटा यह क्षेत्र बाघों का घर है। यहां बाघों के साथ अन्य वन्यजीव भी रहते हैं। बाघों से बचाव के लिए खेतों में समूह में जाएं। एक साथ कम से कम पांच लोग काम करें। काम करते समय मोबाइल, ट्रांजिस्टर बजाएं, जोर-जोर से गाना गाएं या ढोल बजाएं। यदि बाघ आसपास होगा तो हट जाएगा। इसी कॉमिक्स में यह जिज्ञासा भी दिखाई गई है, कि आखिर बाघ हमला क्यों करते हैं। बताया कि बैठे होने पर बाघ हमला करता है, इसलिए हमेशा फसल की कटाई खड़े होकर करें। यह कॉमिक्स बच्चों ही नहीं बड़ो को भी दिखाई जा रही है, जिसका अच्छा असर पड़ रहा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व फील्ड डाइरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि टाइगर रिजर्व जंगल से सटे स्कूलों में दिखाई जाने वाली डिजिटल कॉमिक्स की सफलता को देखते हुए वन विभाग अब इससे संबधित रंगीन पोस्टर बाघ प्रभावित इलाकों के गांवों और स्कूली बच्चों को नि:शुल्क वितरित कराएगा। इन रंगीन पोस्टरों में भी बाघ से सुरक्षा के तरीके और सावधानियां आदि दिखाई जाएंगी।