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गन्ने से परेशान किसानों ने बढ़ा दिया गेहूं का एरिया

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खत्म हो रहा गन्ने से मोह, किसानों ने बढ़ाया गेहूं का एरिया
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लखीमपुर खीरी। किसानों का गन्ने से मोह कम होने लगा है। इस बार उन्होंने गेहूं का एरिया बढ़ा दिया है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बीज की अधिक बिक्री से यह बात साफ हो गई है। माना जा रहा है पिछले वर्षों सरकार द्वारा रबी फसलों की बढ़ाई गई एमएसपी (समर्थन मूल्य) ने भी किसानों का मूड बदलने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा विभिन्न गोष्ठियों और बैठकों के जरिए किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कृषि विभाग ने जिले में 191793 हेक्टेयर एरिया में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य दिया है, जो पिछले वर्ष से 3191 हेक्टेयर अधिक है। बुवाई के लिए कृषि विभाग ने 8329 क्विंटल बीज के सापेक्ष 8400 क्विंटल गेहूं बीज वितरित किया है। सभी राजकीय बीज भंडार गेहूं बीज से खाली हो चुके हैं। पिछले वर्ष 7257 क्विंटल बीज की बिक्री कृषि विभाग ने की थी और 690 क्विंटल बीज वितरण न होने से खराब हो चुका है। कृषि विभाग के अलावा सहकारिता विभाग ने भी समितियों के माध्यम से 2206 क्विंटल गेहूं बीज वितरित किया है। वहीं प्राइवेट बीज दुकानों से बिक्री किए गए बीजों का आकलन कृषि विभाग कर रहा है। इस बार शत प्रतिशत बीजों की बिक्री के कारण कृषि विभाग को यकीन है कि पिछले वर्षों के मुकाबले गेहूं का एरिया बढ़ना तय है। इस बदलाव के पीछे गन्ना मूल्य भुगतान में देरी के अलावा पर्चियों का समय से न मिलना प्रमुख कारण बताया जा रहा है, क्योंकि इस वर्ष किसानों ने गन्ने का एरिया 27 प्रतिशत बढ़ाया था।
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7.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य
रबी सीजन 2018-19 में 191793 हेक्टेयर एरिया में गेहूं बुवाई का लक्ष्य है। इससे 789765 मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन होने का अनुमान है। कृषि विभाग के मुताबिक पिछले वर्ष 188602 हेक्टेयर में 41.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से 775531 मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन हुआ था। इस वर्ष उत्पादकता 41.18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है।
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इस वर्ष किसानों ने अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई की है, जिससे उत्पादन बढने की पूरी उम्मीद है। पिछले वर्ष से बीजों की बिक्री अधिक हुई है, जिससे समय से पहले ही बीज भंडारों पर स्टाक खत्म हो गया है।
सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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