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वनभूमि पर खेती कर मालामाल हो रहे भूमाफिया

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वन भूमि पर उगाया गन्ना नहीं खरीद सकेंगी चीनी मिलें
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लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि पर भूमाफिया कब्जा कर गन्ने की खेती कर लाखों की कमाई कर रहे हैं। वन विभाग इस भूमि को खाली कराने का लंबे अरसे से प्रयास कर रहा है। कभी राजनीतिक अड़ंगा तो कभी अदालती पचड़े के कारण इसमें कामयाबी नहीं मिल पा रही है। बफर जोन में शामिल होने के बाद वन विभाग अपनी भूमि खाली कराने को गंभीर हुआ है। डीटीआर प्रशासन ने चीनी मिलों को पत्र लिखकर अतिक्रमित भूमि पर उपजाया गन्ना न खरीदने का आग्रह किया है।
जिले की चीनी मिलों को 19 नवंबर को भेजे पत्र में दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने कहा है कि बफर जोन की नौ रेंजों में कुल 71204.317 हेक्टेयर वन क्षेत्र है। इसमें 9226.609 हेक्टेयर वन भूमि पर भूमाफिया ने कब्जा कर रखा है। इस भूमि पर मुख्यत: गन्ना उगाया जा रहा है। माफिया यह गन्ना चीनी मिलों को बेच रहे हैं। इससे राज्यहित प्रभावित हो रहा है।
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चीनी मिलों को भेजे पत्र में डीडी बफर जोन ने 16 मई को डीएम की समीक्षा बैठक के बाद जिला गन्ना अधिकारी द्वारा सीनियर गन्ना विकास निरीक्षक संपूर्णानगर को दिए गए निर्देश कि वन विभाग की अतिक्रमित वन भूमि पर बोए गए गन्ने का सर्वे न किया जाए, का भी हवाला दिया है। राजकीय भूमि पर अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रदेश सरकार ने भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके तहत अवैध कब्जे की भूमि पर बोया गया गन्ना न खरीद कर अतिक्रमण का हतोत्साहित किया जाए।
डीडी बफर जोन ने पत्र के साथ बफर जोन के सभी रेंजों में वन भूमि पर अवैध कब्जे की भूमि की सूची भी भेजी है। अनुरोध किया है कि अवैध रूप से कब्जा की गई भूमि पर उगाए गए गन्ने की आपूर्ति चीनी मिलों में न होने दें। यदि ऐसा होता है, तो संबंधित चीनी मिल की संलिप्तता मानते हुए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
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डीडी बफर जोन ने पत्र की प्रति जिले में तैनात एसएसबी की तीनों वाहनियों के सेना नायकों को भी भेज कर आग्रह किया है कि अवैध रूप से कब्जाई वन भूमि पर उगाया गया गन्ना जिले की चीनी मिलों या नेपाल की चीनी मिलों या क्रेशरों पर ले जाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति और वाहन को अभिरक्षा में लेकर संबंधित वन क्षेत्राधिकारी की सुपुर्दगी में दे दें। डीटीआर प्रशासन ने यह पत्र डीएम खीरी, पीलीभीत, डीसीओ खीरी, पीलीभीत, एसडीएम पलिया, निघासन, धौरहरा, गोला, एसडीएम पूरनपुर, कलीनगर पीलीभीत को भी भेजा है।
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