बांकेगंज। कस्बा से सटे चौधीपुर गांव के निकट स्थित यदुनंदन सिंह पुजारी के फार्म पर कुत्ते का शिकार करने वाले तेंदुए की लोकेशन चौबीस घंटे बीतने के बाद भी नहीं मिली है। उधर वन विभाग ने पहले से लगाए गए पिंजरे का स्थान बदलकर अब दूसरी जगह पिंजरा लगाया है। नई जगह पिंजरा रखने के बाद भी तेंदुआ पिंजरे के पास नहीं आया। जबकि, गांव वालों का कहना है कि आबादी से सटे गन्ने के खेतों से तेंदुए के गुर्राने की आवाजें रात भर आती रहीं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज अंतर्गत जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से सटे चौधीपुर गांव में सोमवार दोपहर पुजारी फार्म के पालतू कुत्ते को निवाला बनाने के बाद तेंदुआ गन्ने खेतों में भाग गया। वन कर्मियों को मौके पर कुत्ते के अवशेष और पगचिह्न मिले थे, लेकिन इसके बाद से तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिली। निगरानी में लगे वन कर्मियों फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा, रामपाल यादव को उम्मीद थी कि तेंदुए ने सोमवार जहां शिकार किया था उसी स्थान के आसपास फिर आ सकता है। इसी अनुमान के आधार पर वन विभाग की टीम ने पहले से लगाए गए पिंजरे को हटाकर दूसरी जगह पिंजरा लगाया है। पिंजरे में एक बकरा भी बांधा गया, लेकिन तेंदुआ पिंजरे के इर्दगिर्द तक नहीं आया। चौधीपुर गांव के निवासियों ने बताया कि आबादी से सटे गन्ने के खेतों से रात भर तेंदुआ के गुर्राने की आवाजें सुनाई देती रही। इसके चलते वह रात भर डर के कारण सो नहीं पाए।
चौधीपुर गांव आबादी के निकट सक्रिय तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे का स्थान बदला गया है। लेकिन चौबीस घंटे से तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिली है। वन विभाग की टीम तेंदुए की निगरानी में लगी हुईं है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उप-निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन।