श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मंजू त्यागी और तत्कालीन कोतवाल फूलबेहड़ विद्याराम दिवाकर के बीच वार्तालाप के तीसरे दिन भी दो ऑडियो वायरल हो गए। हर रोज वायरल हो रहे ऑडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हैं। तीन दिन में छह ऑडियो वायरल हो चुके हैं।
पहले ऑडियों में भाजपा विधायक मंजू त्यागी ने फूलबेहड कोतवाल को जूता मारने की बात कही है, जबकि दूसरे ऑडियो में एसपी से कहकर कोतवाल की तैनाती की बात कहते हुए काम करने की चेतावनी दे रही हैं। तीसरे ऑडियो में किसी आरोपी को थाने से छुड़वा रही हैं, चौथे में खनन करने वालों को अंडर में रखने की बात कह रही हैं। तीसरे दिन वायरल हुए दो ऑडियो में से पहले में इंस्पेक्टर खुद विधायक से कह रहे हैं कि एसडीएम से कह दीजिए, वह रिपोर्ट लिखने का आदेश दे रहे हैं, जबकि दूसरे ऑडियो में विधायक महिला पुलिस को एक गांव में भेजने को कह रही हैं। इस तरह यह छह ऑडियो भाजपा की किरकिरी करा रहे हैं।
विधायक और प्रभारी निरीक्षक विद्याराम दिवाकर के बीच रार शुक्रवार को सामने आई, विधायक मंजू त्यागी ने जूते मारने की बात कही। इसका शनिवार को पहला ऑडियो वायरल हुआ। एसपी ने ऑडियो वायरल करने के लिए प्रभारी निरीक्षक की अनुशासनहीनता माना और उन्हें लाइनहाजिर भी कर दिया था। इसके बाद तो ऑडियो वायरल होने की झड़ी सी लग गई। इन वायरल हुए ऑडियो से जहां खादी और खाकी का गठजोड़ जनता के बीच सामने आया। वहीं पुलिस और भाजपा की छवि पर भी सवाल उठने लगे। इंस्पेक्टर को जूते मारने और खनन को लेकर वायरल हुए ऑडियो का मामला गर्म ही था। इसी बीच सोमवार यानी तीसरे दिन जारी वायरल हुए दो ऑडियो ने एक बार फिर विधायक और प्रभारी निरीक्षक के मामले को ताजा कर दिया है।
कोतवाल को लाइनहाजिर करने पर पुलिस महकमे में है असंतोष
लखीमपुर खीरी। विधायक और फूलबेहड़ इंस्पेक्टर के बीच शुरू हुआ घमासान जहां थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं पुलिस कप्तान भी पशोपेश में हैं। इंस्पेक्टर फूलबेहड़ को हटाने के तीसरे दिन भी वह किसी को तैनात नहीं कर सके हैं। उधर इंस्पेक्टर के हटाने के बाद से ही पुलिस महकमे में असंतोष है।
श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी और प्रभारी निरीक्षक विद्याराम दिवाकर के बीच वायरल हो रहे ऑडियो भाजपा की फजीहत करा रहे हैं। इन वायरल ऑडियो से खादी और खाकी का गठजोड़ भी सामने आया है। यह भी बात साफ हो गई है कि एसपी रामलाल वर्मा इंस्पेक्टरों की काबलियत पर नहीं, बल्कि राजनीतिक आकओं के कहने पर थानों और चौकियों पर पोस्टिंग करते और हटाते हैं। शायद यही वजह है कि वास्तविक पीड़ित की समस्या समाप्त नहीं होती और वह थाना-तहसील से लेकर अफसरों तक के चक्कर काटता रहता है। विधायक-प्रभारी निरीक्षक के बीच पड़ी रार के बाद एसपी ने इंस्पेक्टर को हटा तो दिया, लेकिन तीन दिन बाद भी वह अभी तक किसी को तैनात नहीं कर सके हैं। इससे फूलबेहड़ कोतवाल की कुर्सी खाली है।
मलाईदार थानों में होती है फूलबेहड़ कोतवाली की गिनती
फूलबेहड़ जिले के मलाईदार थानों में से एक है। यही वजह है, कोतवाली फूलबेहड़ का चार्ज बनाने के लिए हर कोई जुगाड़ लगाने का प्रयास करता है, लेकिन विधायक मंजू त्यागी के ऑडियो वायरल होने के बाद कोई भी इंस्पेक्टर फूलबेहड़ का चार्ज नहीं लेना चाहता। हालांकि एसपी रामलाल वर्मा ने जल्द ही यहां किसी को तैनात करने की बात कह रहे हैं।
भाजपा के बड़े नेता चुप, विपक्ष मुखर
विधायक और प्रभारी निरीक्षक के बीच ऑडियो वार के बीच जहां भाजपा के बड़े नेताओं ने चुप्पी साध ली है। वहीं विपक्ष मुखर हो गया है। सोशल मीडिया पर भी विधायक-इंस्पेक्टर विवाद को भाजपा में दो फाड़ दिख रहे हैं। एक धड़ा तो चुटकी लेने से भी नहीं चूक रहा।
विधायक रौब गांठती सुर में सुर मिलाते हैं इंस्पेक्टर
महेवागंज खीरी। विधायक-इंस्पेक्टर के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो लोगों में कौतूहल बने हैं। लोग कहते हैं कि जब पानी सिर से ऊपर हुआ तो दबे हुए मामलों कि परतें एक एक कर उधडने लगीं। इन दोनों ऑडियो में भी विधायक अपने लोगों की हिमायत कर इंस्पेक्टर पर रौब गांठती सुनी जा रही हैं, जबकि इंस्पेक्टर भी सुर में सुर मिलाते हैं। खास यह कि एक मामले में इंस्पेक्टर खुद विधायक द्वारा किसी मुकदमा दर्ज न कराने के लिए एसडीएम पर दबाव बनवाने को कहते हैं।
ऑडियो से साफ हुआ एसडीएम की भी नहीं चली
कोतवाल रहते इंस्पेक्टर दिवाकर के लिए विधायक का आदेश सर्वोपरि था। वायरल ऑडियो यह बात उस समय साफ हो गई, जबकि खुद इंस्पेक्टर कह रहेे हैं कि एसडीएम से कह दो मुकदमा न लिखाएं। एसडीएम कह रहे थे, लेकिन हमने लिखा नहीं है। इस बाबत एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह का कहना है कि तेतारपुर में एक कब्जे का विवाद था। मैं मौके पर गया था, जहां एक व्यक्ति झगड़ने पर आमादा हो रहा था। उसका नाम तो ध्यान नहीं है, लेकिन मुकदमा लिखाने को इंस्पेक्टर फूलबेहड़ से कहा था। हालांकि उन्हें पूरा मामला ध्यान नहीं है।
छुट्टी पर गए दिवाकर, कहा-मुझे कुछ नहीं बोलना
लाइन हाजिर होने के बाद इंस्पेकटर विद्याराम दिवाकर छुट्टी पर चल रहे हैं। सोमवार को फिर दो ऑडियो वायरल होने की बाबत इंस्पेक्टर का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं है। दोहराया, उनके सेलफोन में कोई ऑडियो नहीं है। आगे कहते हैं, मुझे मामले में कुछ भी नहीं बोलना है। मुझे विभाग और कानून पर भरोसा है।
फिर बोलीं विधायक, कार्यकर्ता के सम्मान के लिए लड़ती हूं
भाजपा विधायक मंजू त्यागी कहती हैं कि वह सिर्फ एक ऐसी महिला विधायक हैं, जो कार्यकर्ता के सम्मान के लिए लड़ती हैं। रही बात भाषा की तो कार्यकर्ता का अपमान होगा तो वह किसी भाषा का प्रयोग करना जानती हैं। पार्टी के लिए कार्यकर्ता सर्वोपरि है न कि नौकरशाही।