कुंभी गोला की ब्लाक प्रमुख प्रतिभा सिंह और विधायक अरविंद गिरी के बीच अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कई महीनों से चल रहे घमासान में भाजपा का एक धड़ा प्रतिभा सिंह की कुर्सी बचाने में लगा था, किंतु सोमवार को विधायक अरविंद गिरि, प्रतिभा सिंह और भाजपा के एक धड़े पर भारी पड़े, प्रतिभा सिंह के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया।
अविश्वास प्रस्ताव पर सोमवार को एसडीएम अखिलेश यादव की अध्यक्षता में ब्लाक सभागार मे हुई बैठक में 114 बीडीसी सदस्यों ने मतदान किया। जिसमें 97 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, 15सदस्यों ने प्रतिभा सिंह पर भरोसा जताया। दो मतपत्र निरस्त किए गए। जबकि आठ सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। एसडीएम अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बैठक पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई, जिसमें 11 से एक बजे तक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा रखी गई किंतु किसी भी बीडीसी ने चर्चा में भाग नहीं लिया। दोपहर एक बजे मतदान शुरू हुआ, जो तीन बजे तक चला। सवा तीन बजे से चार बजे तक मतगणना हुई, जिसमें 82 मतों से प्रतिभा सिंह के विरुद्घ अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ। बैठक में एडीओ पंचायत पसगवां वाचस्पति झा, राजस्व निरीक्षक विजय श्रीवास्तव, लेखपाल अनिल त्रिपाठी मौजूद रहे।
पुलिस छावनी बना ब्लाक मुख्यालय
अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान शुरू होने से पूर्व ही ब्लाक मुख्यालय पुलिस की छावनी बना रहा। गेट से अंदर तक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहे। बीडीसी सदस्यों के अलावा किसी को भी गेट के अंदर जाने की मनाही कर दी गई थी। सुरक्षा में कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र, सीओ पलिया सहित आस पास थानों का फोर्स मौजूद रहा।
अविश्वास प्रस्ताव आते ही झूम उठे विधायक समर्थक
सुबह से ही अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद लगाए विधायक अरविंद गिरि के अग्रज जनार्दन, अनुज अजय गिरि, भतीजे कन्हैया गिरि, भाजपा नगराध्यक्ष दीपेंद्र गुप्त, विजय माहेश्वरी, विश्वनाथ सिंह, रामगुलाम पांडे, राजेंद्रसिंह भदौरिया, रामपाल सिंह काफी समर्थकों साथ ब्लाक मुख्यालय गेट पर डटे रहे। अविश्वास प्रस्ताव की घोषणा होते ही समर्थक पटाखे दगाने लगे, ब्लाक मुख्याल में खुशी मनाई और एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
कमेटी अथवा प्रशासक के हाथ रहेगी बागडोर
जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि कुंभी ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास पारित होने के बाद छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाता है। उससे पहले व्यवस्था संचालन के लिए प्रशासक अथवा तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाता है। समस्त प्रक्रिया डीएम के विवेक के आधार पर अपनाई जाती है।
विधायक के दो चहेते हैं प्रमुख पद के दावेदार
विधायक अरविंद गिरि के दो चहेते बीडीसी ब्लाक प्रमुख पद के दावेदार बताए जा रहे हैं। इनमें पूर्व ब्लाक प्रमुख रहे राजेंद्र सिंह भदौरिया का पुत्र रितेश और विमल वर्मा की दावेदारी मानी जा रही है। यह दोनों बीडीसी ब्लाक मुख्यालय पर मतदाता बीडीसी की आवभगत में लगे देखे गए। अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद दोनों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी।
हाईकोर्ट में चल रही रिट में देंगी प्रार्थनापत्र
प्रतिभा सिंह ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए मतदान की प्रक्रिया पर उन्हें आपत्ति थी। इस कारण उन्होंने बैठक से वाक आउट किया और विरोध स्वरूप मतदान में भाग नहीं लिया। कहा कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्घ हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में याचिका कर रखी है, जिसमें 14 नवंबर को तीन हफ्ते का समय काउंटर एफीडेविड दाखिल करने के लिए दिया गया है। उसी याचिका में मतदान प्रक्रिया पर आपत्ति दाखिल करेंगी। वह और उनके पति भाजपा में हैं फिर भी दुर्भाग्य की बात है कि विधायक अरविंद गिरी और जिलाध्यक्ष शरद बाजपेयी उनका विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद वह और उनके पति भाजपा में रहकर सांसद अजय मिश्र टेनी के साथ पार्टी हित में कार्य करते रहेंगे।
पार्टी के बीच का टकराव ठीक नहीं
दोनों पक्ष भाजपा के हैं, पार्टी के बीच का टकराव ठीक नहीं फिर भी किसी का अहम पार्टी से ऊपर है, वह बिल्कुल ठीक नहीं है। हम पार्टी के कार्यकर्ता हैं, पार्टी की रीति नीति के हिसाब से चलते हैं, जो निर्देश हैं उसके हिसाब से काम करते हैं। यदि किसी नेता का अहम पार्टी के निर्देश से बड़ा है तो ठीक है।
- ठाकुर प्रसाद गंगवार, जिला महामंत्री भाजपा
विधायक बोले, सदस्यों ने विकास का रास्ताचुना
भाजपा विधायक अरविंद गिरि ने कहा है कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने विकास के रास्ते को चुना है, जिसके लिए उन्हें बधाई। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने से क्षेत्र पंचायत का विकास होगा, जिससें गांवों में विकास कार्य बढ़ेंगे।