कोटे की दुकानों पर लटके ताले, कार्डधारक परेशान
मानदेय और भाड़ा को लेकर कोटेदार हड़ताल पर
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। कोटेदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते कस्बे की राशन की दुकानें बंद हैं जिससे कार्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के कोटेदारों ने वितरण शुरू कर दिया है। नगर पंचायत के कोटेदारों ने एक सितंबर से गल्ले का उठान करने के बाद भी वितरण शुरू नहीं किया है। खाद्यान्न उनके गोदामों में बंद है। गौरतलब है कि मानदेय और होम डिलीवरी भाड़ा दिए जाने की मांग को लेकर कोटेदार हड़ताल कर रहे हैं।
कोटेदार संघ की तहसील इकाई ने फेयर प्राईज शॉप एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को तहसील दिवस में तीन सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा को सौंपकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए थे। कोटेदार मांग कर रहे थे कि उन्हें होम डिलीवरी भाड़ा और पच्चीस हजार मानदेय दिया जाए। यदि मानदेय न दें तो दो सौ रुपये क्विंटल कमीशन दिया जाए। इन्हीं मांगों के साथ कोटेदार बुधवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन सौपकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल के दौरान जिले की सभी राशन की दुकानें बंद हो गईं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कोटेदारों ने हड़ताल में होने पर भी खाद्यान वितरण शुरू कर दिया। वहीं नगर पंचायत के कोटेदारंों ने एक सितंबर को खाद्यान्न का उठान तो किया लेकिन उस खाद्यान को अपने गोदामों में बंद कर ताला लगा दिया। नगर पंचायत क्षेत्र में पांच सितंबर से खाद्यान वितरण होना था जो कोटेदारों की हड़ताल की वजह से नहीं हो सका। वितरण न होने से कस्बे का गरीब तबके के लोग परेशान हैं। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कोटेदारों से वार्ता के बाद वितरण शुरू हुआ है नगर के कोटेदारों से भी बात की जा रही है जल्दी ही समस्या का निराकरण होगा।