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बुखार का बढ़ा प्रकोप, दो दिन में चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हुए 13 बच्चे

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चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार से जूझ रहे 13 बच्चे
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तेजी से बढ़ रहे ज्वर रोगी,, हालत में सुधार न होने पर दो लखनऊ रेफर
निघासन में मिला डेंगू पीड़ित किशोर
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। बारिश और फिर उसके बाद निकल रही तेज धूप ने बच्चों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। उमस भरी गर्मी ने बच्चों को बीमार करना शुरू कर दिया है। दो दिन में बुखार पीड़ित 13 बच्चे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हुए, जिनमें से दो की हालत में सुधार न होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। जबकि अन्य का इलाज चल रहा है।
मंगलवार को सिसैया कलां निवासी रामदयाल ने आठ वर्षीय पुत्री ज्ञानवती, ईसानगर के नरगदा गांव निवासी अच्छेलाल ने तीन वर्षीय पुत्री मिथलेश, निघासन निवासी खईम अहमद ने चार वर्षीय पुत्री फिजा एवं बेहजम निवासी मदन ने दस वर्षीय पुत्र जितिन को बुखार आने पर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया है। जबकि 24 अगस्त से चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती संपूर्णानगर निवासी दिलीप के 12 वर्षीय पुत्र शिवा एवं खीरी निवासी पप्पू के छह वर्षीय पुत्र अजीत की हालत में सुधार न होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहीं सोमवार को संपूर्णानगर निवासी दिलीप ने आठ वर्षीय पुत्री रजनी, फरधान के जटपुरा निवासी किरण कुमार सिंह ने 11 वर्षीय पुत्र शेर सिंह, फूलबेहड़ के शारदानगर निवासी रमेश कुमार ने पांच माह के पुत्र कृष्णा, खीरी के चिमनी निवासी रंजीत कुमार ने दो वर्षीय पुत्री गुड़िया, हरगांव निवासी रामशंकर ने 12 वर्षीय पुत्र महेश, ईसानगर निवासी वारिस अली ने सात वर्षीय पुत्र शहनमाज और लखीमपुर निवासी मतलूब अली ने 11 वर्षीय पुत्री शहनाज को बुखार आने पर चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया है। इन सबका इलाज चल रहा है।
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लालापुर में मिला डेंगू पीड़ित किशोर
सिंगाही के गांव लालापुर में एक 17 वर्षीय देवलोक जायसवाल में डेंगू के लक्षण मिले हैं। उसके पिता नीबू लाल ने बताया कि देवलोक पुणे में था। उसे वहीं बुखार आया। इस पर उसे गांव बुला लिया। गांव में दवा दिलवाई, लेकिन फायदा न होने पर उसे लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उसे डेंगू की पुष्टि हुई। नीबूलाल ने बताया कि देवलोक की हालत पहले से काफी बेहतर है। जिला मलेरिया अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि गांव जाकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही पीड़ित किशोर के घरवालों और उसके आसपास रह रहे लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

ऐसे होता है डेंगू-
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर धारियां होती हैं। यह दिन के समय ही काटते हैं। डेंगू मच्छर के काटने के तीन-चार दिन बाद डेंगू के लक्षण नजर आते हैं।
ये दिखें लक्षण तो हो जाएं सावधान
1. ठंड लगने के साथ बुखार आए
2. सिर, मांसपेशियों और जोड़ में दर्द हो
3. आंखों के पिछले हिस्सों में दर्द होना
4. अधिक कमजोरी महसूस होना
5. भूख न लगना और जी मचलाना
6. चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल रंग के चकत्ते पड़ना
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बच्चों में रहता है अधिक खतरा
बड़ों की अपेक्षा बच्चों में डेंगू होने की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं, क्योंकि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों की अपेक्षा कम होती है। वह खुले में अधिक रहते हैं। इसलिए उनका विशेष ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को सदैव ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे उनका पूरा शरीर ढका रहे। घर और उसके आसपास जलभराव न होने दें।
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मच्छरजनित बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए जिले में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। लोगों को भी चाहिए वह घर एवं उसके आसपास जलभराव न होने दें। बुखार आदि आने पर स्वयं दवा न लेकर सरकारी अस्पताल में ही दिखाएं।
-डॉ. मनोज अग्रवाल सीएमओ
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