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कटान करती शारदा पहुंची रेहरिया गांव के करीब
क्रासर.....
प्रशासन अलर्ट, ग्रामीणों से गांव खाली करने को कहा
क्त्रससर.....
शारदा नदी की विनाशलीला देख रेहरिया में मचा हाहाकार
क्रासर.....
डीएम, एसपी, विधायक ने लिया स्थिति का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज / नकहा। नकहा ब्लाक के रेहरिया कलां में शारदा नदी कटान करती हुई बस्ती के करीब पहुंच गई है। इससे करीब तीन सौ आबादी वाले इस गांव पर संकट के बादल छा गए हैं। शारदा कटान की तेजी देख गांव में अफरा तफरी का माहौल है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर गांव खाली करने के आदेश दिए हैं। गांव में हाहाकार मचा है। प्रशासन ने गुरुवार को बचाव कार्य के लिए पांच नावों की व्यवस्था कराई है। ग्रामीणों ने घर गृहस्थी का सामान समेट कर पलायन करना शुरू कर दिया है।
चौका और शारदा नदी के बीच बसे सदर तहसील के गांव रेहरिया कलां में पिछले कुछ दिनों से शारदा नदी खेतों बगीचों को निगलती हुई गांव की ओर बढ़ रही है। इससे चिंतित गांव वालों ने प्रशासन को खबर की थी। करीब पांच दिन पहले एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने मौका मुआयना कर कटान की स्थित देखी और आला अफसरों को इसकी जानकारी दी। साथ ही गांव में नाव का प्रबंध भी कराया था। इस बीच तेजी से नदी ने कटान जारी रखा और आबादी के बिल्कुल नजदीक पहुंच गई है। सूचना मिलते ही प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। बुधवार को सदर विधायक योगेश वर्मा, एसडीएम अरुण कुमार सिंह, नायब तहसीलदार डॉ. लाल कृष्ण नाव से घाघरा नदी पार कर रेहरिया पहुंचे। अधिकारियों ने कटान की हालत देख ग्रामीणों से जल्द से जल्द गांव खाली करने को कहा है। ग्रामीणों को खानीपुर गांव में स्थित पंचायत भवन में ठहराने के प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ कटान पीड़ितों के भोजन पानी की भी व्यवस्था की है।
इंसेट......
नाव और बैलगाड़ी से गांव पहुंचे डीएम, एसपी, विधायक
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लखीमपुर खीरी। रेहरिया गांव में शारदा नदी से हो रहे कटान का निरीक्षण करने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी रामलाल और विधायक योगेश वर्मा गुरुवार को गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनके साथ राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी थी।
रेहरिया कलां गांव चौका नदी और शारदा नदी के बीच स्थित होने के कारण डीएम और उनकी टीम ने नाव से करीब दो किलोमीटर की दूरी तय की और चौका नदी पार की। फिर नदी के किनारे से डनलप, बैलगाड़ी पर बैठकर रेहरिया गांव के पास शारदानदी के कटान का निरीक्षण किया। गांव में प्रधान के दरवाजे पर चौपाल लगाई और ग्रामवासियों की समस्याएं सुनी। शारदा नदी से एक नाला गांव के बीच से निकलता है ग्रामवासियों ने इस नाले के मुहाने को बंद करने का अनुरोध किया। जिसपर डीएम ने तत्काल सिंचाई विभाग के बाढ़ खण्ड को इस कार्य के लिए निर्देश दिया। डीएम, एसपी और सदर विधायक ने ग्रामीणों को पानी रखने के लिए गैलन और तिरपाल वितरित किए। चिकित्सा विभाग के ओर से क्लोरीन की गोलियां और अन्य औषधियां वितरित की गईं।
गांव के घरों के कटने की आशंका को देखते हुए खानीपुर में पंचायत भवन को बाढ़ शिविर के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। डीएम और एसपी ने इस शिविर का निरीक्षण किया और शिविर में आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के लिए बाढ़ शिविर के इंचार्ज खण्ड विकास अधिकारी नकहा को निर्देशित किया। अधिकारियों ने बाढ़ क्षेत्र में लगभग पांच घंटे बिताए।
वर्जन.....
नदी कटान करती हुई रेहरिया गांव में आबादी की ओर तेजी से बढ़ रही है। एहतियातन गांव खाली कराकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। राजस्व टीम को अलर्ट कर दिया गया है। राहत और बचाव के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शैलेन्द्र कुमार सिंह, डीएम
फोटो संख्या 02एलकेएच401, 402
श्रीनगर और ढखिया खुर्द में शारदा ने तेज किया कटान
भू कटान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
पलियालां। शारदा नदी का जलस्तर तो घट रहा है, लेकिन भू कटान लगातार जारी है। नदी ने दौलतापुर के साथ ही श्रीनगर व ढखिया खुर्द में तेजी से कटान शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बता दें कि बीते दिनों से नदी लगातार घट बढ़ रही है लेकिन नदी का घटता जलस्तर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। नदी ने दौलतापुर के साथ ही श्रीनगर व ढखिया खुर्द में भी तेजी से कटान करना शुरू कर दिया है। नदी का कटान देख ग्रामीणों में खासी चिंता है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही नदी कटान शुरू कर देती है, जिससे उनकी कृषि योग्य भूमि काफी बेकार हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का यही रूप रहा तो धीरे-धीरे उनकी जमीनें शारदा नदी में समा जाएंगी। उधर जल आयोग के अनुसार नदी का जलस्तर दोपहर एक बजे तक खतरे के निशान से 69 सेमी ऊपर है और नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। इसके अलावा नयापुरवा, खालेपुरवा व चौरी में नदी ने कटान तेज कर दिया है। सबसे ज्यादा नयापुरवा की स्थिति खराब है यहां पर नदी तेजी से कटान करते हुए ग्रामीणों के आशियाने को उजाड़ने के पीछे लगी हुई है।