तिकुनियां खीरी। क्षेत्र के गांवों में स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी है। गांव के लोग स्वच्छ शौचालय को तरस रहे हैं। अफसरों की अनदेखी के कारण गांवों में स्वच्छ भारत मिशन का सपना कामयाब होता दिखाई नहीं दे रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की रूपरेखा तैयार कर सफाई अभियान चलाया था। खीरी जिले में पिछले साल अप्रैल माह में करीब ढाई सौ युवाओं को खुले में शौच जाने से रोकने और लोगों को शौचालय बनवाने की प्रेरणा देने का प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता खुद डीएम ने की थी। प्रशिक्षण के बाद युवाओं ने शौचालय बनवाने और खुले में शौच जाने से रोकने की प्रेरणा गांवों में जाकर दी, लेकिन यह योजना अफसरों की लापरवाही के भेंट चढ़ गई। जब गांव के लोग इस बाबत ग्राम प्रधान के पास पहुंचे तो बताया गया कि अभी योजना यहां नहीं आई है। तहसील निघासन के ग्राम पंचायत निबौरिया के ग्राम प्रधान रामदुलारे वर्मा ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत अभी उनके यहां शौचालय बनाने का कोई आदेश नहीं आया है। ग्राम पंचायत उमरा के प्रधान रामकुमार यादव ने बताया स्वच्छ भारत मिशन के तहत के ब्लॉक निघासन से पांच महीने पहले एक टीम गांव आई थी, जिसमें ग्रामीणों को खुले में शौच न करने की हिदायत दी थी। जल्दी ही हर घर में ब्लॉक की ओर से शौचालय बनाए जाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। सिन्हौना, खमरिया, जसनगर, सिसवारी, कोल्हौरी, दरेहटी, सूरतनगर सहित कई गांव के लोग शौचालय न बनने से खुले में शौच जाने को विवश है।
पूरा जिला अभी ओडीएफ घोषित नहीं हुआ है। पहले चरण में ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतें ओडीएफ में चयनित हुई हैं। दूसरे चरण में सभी ग्राम पंचायतें घोषित होंगी। इसके बाद ही सभी ग्राम पंचायतों में शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
आलोक वर्मा, खंड विकास अधिकारी ब्लॉक निघासन