युवराजदत्त महाविद्यालय के परास्नातक विज्ञान विभाग की संस्था बॉटेनिका के तत्वावधान में प्लांट डिसीज कंट्रोल विषय पर एक सेमिनार हुई, जिसके मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ. एमपीएस चौहान रहे। इस मौके पर मुख्य वक्ता ने कहा कि भारत की कृषि को उन्नत करने के लिए परास्नातक कृषि तकनीक का प्रयोग होना चाहिए।
कार्यक्रम में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में अपर्णा गुप्ता प्रथम, नैना अग्रवाल द्वितीय और विप्पन कौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में शिवांगी पांडेय प्रथम, मनप्रीत कौर द्वितीय और पीयूष अवस्थी तीसरे स्थान पर रहे। इसमें निधि मिश्रा को सांत्वना पुरस्कार के मेडल से सम्मानित कर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. डीके सिंह, डॉ. सत्येंद्र पाल सिंह और डॉ. आकाश वार्ष्णेय ने निभाई।
बॉटेनिका के संरक्षक और प्राचार्य डॉ. डीएन मालपानी ने कहा कि फसल चक्र को अपनाकर पौधों को बीमारी से बचाने के साथ-साथ यह किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगा। सेमिनार में डॉ. नूतन सिंह, डॉ. अजय आगा, डॉ. ज्योति पंत, डॉ. इष्टविभु, डॉ. एसके दुबे, मोहम्मद आमिर, चीफ प्राक्टर डॉ. सुभाष चंद्रा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन एमएससी वनस्पति विज्ञान विभाग (स्ववित्त पोषित) के प्राध्यापक डॉ. सुनील त्रिपाठी ने किया।